अरविंद राजभर (फोटो ट्विटर)
UP Politics: ब्राह्मणों और हिंदुओं पर दिए विवादित बयान के कारण सोशल मीडिया से लेकर हर जगह आलोचना के शिकार हो रहे सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर सुभासपा ने पलटवार किया है और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को इन सबका जिम्मेदार बताया है. सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने साफ तौर पर कहा है कि, इन सब विवादित बयानों के पीछे अखिलेश यादव का हाथ है. बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्या लगातार कहीं रामचरिचमानस तो कहीं साधु-संतों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं, जिसको लेकर भाजपा और उसकी सहयोगी दल इसका विरोध कर रहे हैं.
तो वहीं कल ही सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने ब्राह्मणों और हिंदुओं को लेकर विवादित बयान दिया था. इसी के बाद सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने पलटवार करते हुए कहा है कि, “समाजवादी पार्टी लगातार हिंदुओं का अपमान कर रही है.” अरविंद राजभर ने स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘जब ये बसपा में चार बार के मंत्री रहे तब इसके बारे में याद नहीं आया. बीजेपी में गए सत्ता की मलाई खाई तब याद नहीं आया. समाजवादी पार्टी में आते ही इन्हें सब याद आ गया.’ फिर अरविंद राजभर ने दावा करते हुए कहा कि, इन सभी विवादित बयानों के पीछे अखिलेश यादव का हाथ है. वही इन सब बयानों के मुख्य कारण हैं.
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सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि, वह नकली हिंदू हैं. इसीलिए तो उन्होंने खुद कबूल किया था कि वह नकली हिंदू हैं. इसलिए इनको हिंदुओं का वोट नहीं चाहिए.’ साथ ही स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरित मानस पर विवादित बयान देने वाले मामले पर बोले कि, वह हमेशा हिंदुओं की आस्था पर सवाल करते हैं. कभी मंदिरों पर सवाल उठाते नजर आते हैं तो कभी धर्मग्रंथों को लेकर सवाल करते हैं. इसके पीछे स्वामी प्रसाद खुद नहीं हैं, बल्कि अखिलेश यादव का पूरा हाथ है और वही ये सब करा रहे हैं. इसी के साथ अरविंद राजभर ने आह्वान किया कि सपा के सभी ब्राह्मण नेताओं को सपा छोड़कर एनडीए में शामिल हो जाना चाहिए, क्योंकि भगवान राम की आस्था के साथ हम खिलवाड़ नहीं होने देंगे. इसी के साथ राजभर ने ये भी कहा कि, चुनाव आते ही सपा वोट लेने के लिए फरसा उठा लेती है तो कहीं परशुराम की मूर्ति लगाने लगती है. और तो और अयोध्या पहुंच कर शंकराचार्यों को प्रणाम करने लगते हैं व प्रयागराज जाकर कुंभ में स्नान करने लगते हैं. फिर जब कुछ नहीं मिलता बोलने को तो हिंदुओं की आस्था पर सवाल खड़ा करने लगते हैं.
स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक वीडियो ट्विटर (एक्स) पर शेयर करते हुए कहा था कि, ” ब्राह्मणवाद की जड़े बहुत गहरी हैं और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है. सही मायने में जो ब्राह्मण धर्म है, उसी ब्राह्मण धर्म को हिंदू धर्म कहकर इस देश के दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को अपने धर्म के मकड़जाल में फंसाने की एक साजिश है.” इसी के साथ ये भी कहा था कि, “अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता है, दलितों का भी सम्मान होता, पिछड़ों का भी सम्मान होता लेकिन क्या विडंबना है…”
-भारत एक्सप्रेस
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