Amit Shah at Brahma Kumaris: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित ‘सुरक्षा बलों के कर्मियों के लिए आंतरिक जागृति के माध्यम से आत्म-सशक्तीकरण’ विषयक राष्ट्रीय संवाद और वार्षिक थीम ‘विश्व एकता एवं विश्वास हेतु ध्यान’ के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भारत की सीमाओं की सुरक्षा -46 से +46 डिग्री तक के तापमान में हमारे जवान अपने जीवन का स्वर्ण काल समर्पित कर करते हैं.
अपने संबोधन में गृहमंत्री ने यह भी कहा कि आजादी के 75 सालों में भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और निकट भविष्य में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. यह उपलब्धि सुरक्षा बलों, राज्यों की पुलिस और देश के सभी नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है.
गृहमंत्री ने कहा कि देश की पुलिस और सेना तनावपूर्ण वातावरण में काम करती है, ऐसे में मानसिक शांति अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान के इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि योग और ध्यान से सुरक्षा बलों को आत्मिक ऊर्जा मिलेगी. उन्होंने संस्थापक दादा लेखराज कृपलानी को नमन करते हुए संस्थान को शांति का मंदिर बताया.
कार्यक्रम की शुरुआत में अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस अवसर पर संस्थान की पूर्व प्रशासिका दादी रतन मोहिनी को श्रद्धांजलि दी गई. गृहमंत्री का स्वागत इलायची की माला और राजस्थानी पगड़ी से किया गया, साथ ही उन्हें सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की गई.
राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने बताया कि राजयोग ध्यान से आत्मा के सात गुण — ज्ञान, सुख, शांति, प्रेम, पवित्रता, शक्ति और आनंद जाग्रत होते हैं. उन्होंने कहा कि शांति की शुरुआत आत्मा से होती है, और इसी आंतरिक शांति के माध्यम से विश्व शांति संभव है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अमित शाह की नेतृत्व क्षमता और देश की सुरक्षा नीति में उनके योगदान को रेखांकित किया. उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और नक्सलवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति की तारीफ करते हुए कहा कि इन कदमों से देश में शांति और विकास की नई राहें खुली हैं.
कार्यक्रम में जल, थल और वायु सेना के 400 से अधिक अधिकारी और जवान विशेष रूप से उपस्थित रहे. चार दिवसीय इस सम्मेलन में प्रतिभागी राजयोग ध्यान और आध्यात्मिक सिद्धांतों की गहराई से जानकारी प्राप्त करेंगे.
गृहमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए शांतिवन परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. एसपीजी कमांडो, जिला पुलिस बल और अन्य सुरक्षाबलों ने पूरी व्यवस्था संभाली. डायमंड हॉल में प्रवेश से पूर्व सभी आगंतुकों की सुरक्षा जांच की गई.
यह कार्यक्रम सिर्फ एक सम्मेलन नहीं बल्कि देश की सुरक्षा और आध्यात्मिक चेतना को जोड़ने वाला एक सेतु सिद्ध हुआ. अमित शाह की मौजूदगी और ब्रह्माकुमारीज के राजयोग संदेश ने एक गहन आत्मिक अनुभव को जन्म दिया.
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