14 अगस्त का दिन भारत के इतिहास में सिर्फ आजादी से ठीक पहले का दिन नहीं है. यह उस दर्दनाक दौर की याद भी दिलाता है, जब 1947 में देश के बंटवारे के दौरान लाखों लोगों ने हिंसा, डर और अमानवीय परिस्थितियों का सामना किया. करोड़ों लोगों को अपना घर-बार, जमीन-जायदाद और अपनों को पीछे छोड़कर अनजान जगहों की ओर पलायन करना पड़ा था. कई परिवार हमेशा के लिए बिछड़ गए और बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई.
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (14 अगस्त, 2026) को 1947 के विभाजन को याद किया. अपने संदेश में उन्होंने उस दौर को भारतीय इतिहास के सबसे भयावह अध्यायों में से एक बताया. शाह ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और उन लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने उस मुश्किल समय में अत्याचारों का सामना किया और उनका विरोध किया.
अमित शाह ने अपने संदेश में विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए उस दौर की त्रासदी को याद किया. उन्होंने कहा कि इस दिन का उद्देश्य सिर्फ अतीत को याद करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उस दर्दनाक इतिहास से परिचित कराना भी है.
शाह की पोस्ट के साथ साझा की गई ऐतिहासिक तस्वीर में शरणार्थियों से भरी ट्रेन नजर आती है. ऐसी तस्वीरें उस समय की भयावह स्थिति की झलक देती हैं, जब हजारों लोग अपना सब कुछ छोड़कर सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सफर कर रहे थे. किसी के पास सिर्फ कुछ सामान था तो कोई अपने परिवार के सदस्यों को लेकर अनिश्चित भविष्य की ओर बढ़ रहा था.
14 अगस्त 1947 का दिन इतिहास के उस क्रूरतम अध्याय का साक्षी है, जिसमें अमानवीय पीड़ा सहते हुए लाखों लोगों को अपना जीवन गंवाना पड़ा और करोड़ों लोगों को घर, संपत्ति व अपनों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। देश के बँटवारे का यह दंश, जो कांग्रेस की देन है, उसे इतिहास कभी भूल नहीं पाएगा।… pic.twitter.com/MmunrxDs88
— Amit Shah (@AmitShah) August 14, 2026
विभाजन के दौरान हुए विस्थापन ने भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के समाज पर गहरा असर डाला. परिवारों के बिछड़ने, घर छूटने और हिंसा की यादें आज भी कई परिवारों की पीढ़ियों तक पहुंची हैं.
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के जरिए इस त्रासदी की यादों को युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है. इसके पीछे मकसद यह है कि नई पीढ़ी उस दौर की गलतियों और उसके भयावह परिणामों को समझे और भविष्य में देश को फिर कभी ऐसी त्रासदी का सामना नहीं करना पड़े.
उन्होंने इस स्मरण को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना से भी जोड़ा है. संदेश साफ है कि इतिहास के दर्दनाक अध्यायों को याद रखते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत किया जाए.
ये भी पढ़ें: ‘हमें चाहिए दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन…’, किस आजादी के लिए सोनम वांगचुक ने मांगा देश से साथ?
-भारत एक्सप्रेस
Diya Mirza Video Controversy: मुंबई में सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे न फोड़ने की अपील करने…
Agra News: आगरा में 15 साल बाद जन्मे दो महीने के बच्चे की टीकाकरण के…
स्वाधीनता सेनानी, भारतीय सशस्त्र क्रांति के जनक वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती के अवसर पर…
Aaj Ka Rashifal Tula Rashi: तुला राशि वालों के लिए 3 नवंबर का दिन करियर…
Aaj Ka Rashifal Kumbh Rashi: कुंभ राशि के जातकों को आज कारोबार में पूंजी की…
Aaj Ka Rashifal Meen Rashi: मीन राशि के जातकों को आज कारोबार में तकनीकी खराबी…