देश

‘नक्काशीदार खंभे और तहखानों में मूर्तिकला…’ जानें ASI की रिपोर्ट में क्या-क्या मिला?

ASI report on Gyanvapi: अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर एएसआई की नई रिपोर्ट सामने आई है. सर्वे के अनुसार यहां एक बड़ा भव्य हिंदू मंदिर था और यह हिंदू मंदिर मस्जिद से पहले मौजूद था. सर्वे रिपोर्ट में मंदिर होने के 32 से ज्यादा प्रमाण मिले हैं. वहीं 32 शिलालेख ऐसे मिले हैं जो पुराने हिंदू मंदिरों के हैं. ASI की मानें तो हिंदू मंदिरों के पिलरों का इस्तेमाल ही नए ढांचे में किया गया.

यह भी पढ़ेंः Republic Day 2024 Live: कर्तव्य पथ पर दिखने लगी सशक्त भारत की तस्वीर, झांकियों में दिखी महिला शक्ति

एएसआई की मानें तो वर्तमान में जो ढांचा है उसकी पश्चिमी दीवार के पहले के बड़े हिंदू मंदिर की है. मस्जिद निर्माण के दौरान पिलर पर बनी नक्काशियों को मिटाने की कोशिश की गई. हिंदू पक्ष दो दलीलें दे रहा है उसकी तस्दीक एएसआई के सर्वे में मिले सबूत भी करते हैं. ऐसे में हिंदू पक्ष यह उम्मीद जता रहा है कि जैसे अयोध्या का फैसला उसके पक्ष में आया वैसे ही ज्ञानवापी का फैसला भी उसके पक्ष में आएगा.

क्षेत्रों का अवलोकन और परीक्षण करने के बाद यह सामने आया है कि मस्जिद के निर्माण से पहले एक बड़ हिंदू मंदिर पहले से मौजूद था. एएसआई के सर्वे में निम्नलिखित जानकारी सामने आई है-

मस्जिद से पहले वहां केंद्रीय कक्ष और उत्तर की ओर छोटा कक्ष था.
मौजूदा ढांचे से पहले संरचना का केंद्रीय कक्ष और मुख्य प्रवेश द्वार.
पश्चिमी कक्ष और पश्चिमी दीवार.
नक्काशीदार खंभे जिन्हें थोड़ा बहुत बदलकर मस्जिद में काम में लिया गया.
मस्जिद पर मौजूद शिलालेख.
पत्थरों पर अरबी और फारसी में लिखे शिलालेख.
तहखानों में मूर्तिकला के अवशेष.

यह भी पढ़ेंः बिहार में सियासी भूचाल, दिल्ली से पटना तक ताबड़तोड़ बैठकें, आज CM नीतीश ले सकते हैं बड़ा फैसला

ये हैं ASI का निष्कर्ष

कला और वास्तुकला के आधार पर पूर्व मौजूदा ढांचे को हिंदू मंदिर के रूप में जाना जाता है. मस्जिद का निर्माण औरंगजेब के शासन के 20वें काल में किया गया था. पहले से मौजूद मंदिर को 17वीं शताब्दी के दौरान नष्ट किया गया था. पहले से मौजूद मंदिर को ध्वस्त कर उसकी सामग्री का पुनः उपयोग किया गया था.

एक पत्थर पर अंकित शिलालेख के अनुसार मस्जिद का निर्माण औरंगजेब के शासनकाल में 1676-77 में किया गया था. शिलालेख के अनुसार 1792-93 में मस्जिद की मरम्मत की गई थी. औरंगजेब की जीवनी के अनुसार 2 सितंबर 1669 को औरंगजेब ने काशी में विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त करने का आदेश दिया था.

Rakesh Choudhary

राकेश चौधरी भारत एक्सप्रेस वेबसाइट में सीनियर कंटेट राइटर के पद कार्यरत हैं। पिछले 6 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मूलरूप से जोधपुर (राजस्थान) के रहने वाले हैं। दिल्ली से पत्रकारिता और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2018 में अमर उजाला डिजिटल (नोएडा) से की। इसके बाद समाचार प्लस, दैनिक जागरण, Inshorts मीडिया, News 24 और डीडी स्पोर्ट्स में भी अपनी सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रहने हुए पाॅलिटिकल बीट पर काम किया।

Recent Posts

आज पितृ पक्ष में चतुर्थी श्राद्ध, पंचांग से समझें पूजा-पाठ और श्राद्ध का सही समय

Pitru Paksha Panchang: 30 सितंबर 2026, बुधवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी…

53 minutes ago

पितृ पक्ष 2026: आज है चतुर्थी श्राद्ध, जानें विधि, नियम और विशेष धार्मिक महत्व

Pitru Paksha 2026: 30 सितंबर (बुधवार) को चतुर्थी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा. सनातन परंपरा…

5 hours ago

एशियाई खेल: पीएम मोदी ने महिला 4×400 मीटर रिले टीम को दी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक की बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में महिला 4x400m रिले टीम (किरण, पूवम्मा, प्राची और…

7 hours ago

पूर्वांचल के किंगमेकर: ओम प्रकाश राजभर ने उप-जाति की पहचान को कैसे बनाया राजनीतिक पूंजी

पूर्वांचल की राजनीति में ओम प्रकाश राजभर एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी उप-जाति की…

7 hours ago

न सांसद, न विधायक फिर भी राजनीति के अमर योद्धा, जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय?

पंडित दीनदयाल उपाध्याय न सांसद बने न विधायक, लेकिन सिद्धांतों और मूल्यों की राजनीति के…

8 hours ago

दिल्ली-NCR में लागू हुआ नया GRAP, AQI के हिसाब से लगेंगी 4 लेवल की पाबंदियां, खराब हवा में बढ़ेगी पार्किंग फीस

Delhi GRAP New Rules: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर CAQM ने 29 सितंबर 2026…

8 hours ago