क्यों खास है यह पवित्र भगवा पताका?
Ayodhya Dharma Dhwaj: अयोध्या के राम मंदिर में मंगलवार को ध्वजारोहण कार्यक्रम को भव्य और दिव्य बनाने के लिए विशेष तैयारी है. इस बीच राम मंदिर पर लगने वाली धर्म ध्वजा की पहली तस्वीर सामने आई है. तस्वीर में केसरिया रंग की तस्वीर को कई लोगों द्वारा संभाला जा रहा है. ध्वजा की खासियत की बात करें तो समकोण त्रिभुजाकार धर्म ध्वजा की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है. ध्वज पर उकेरा गया दीप्तिमान सूर्य भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक माना जाता है. इस पर ‘ॐ’ का चिन्ह और कोविदार वृक्ष की आकृति भी अंकित है.
यह पवित्र ध्वजा गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देती है और रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक मानी जाती है. यह धर्म ध्वजा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित मंदिर के ‘शिखर’ पर फहराई जाएगी, जबकि इसके चारों ओर बना लगभग 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय वास्तुकला में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की वास्तुशिल्प विविधता को दर्शाता है.
यह पवित्र झंडा प्रतिष्ठा, एकता और कल्चरल कंटिन्यूटी को दिखाता है और इसे रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक माना जाता है. मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 बारीकी से पत्थर पर उकेरे गए प्रसंग हैं. घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग रखे गए हैं.
अहमदाबाद के एक पैराशूट स्पेशलिस्ट ने इसे डिजाइन किया है. इस झंडे का वजन दो से तीन किलोग्राम के बीच है और इसे मंदिर की 161 फीट ऊंची चोटी और 42 फीट ऊंचे झंडे के खंभे के ऊपर के हालात को झेलने के लिए बनाया गया है. झंडे पर चमकता हुआ सूरज भगवान राम की काबिलियत और बहादुरी का प्रतीक माना जाता है. झंडे में ‘ओम’ का निशान और कोविदारा पेड़ की आउटलाइन भी है.
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ‘धर्म ध्वज’ त्याग और समर्पण का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि मंदिर के ऊपर झंडा फहराया जाएगा. कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा और करीब 11.50 बजे ध्वजारोहण होगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के गवर्नर और मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे.
‘धर्म ध्वज’ के बारे में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज कोविदार वृक्ष अंकित है. इस भगवा पताका पर सूर्य और ‘ऊँ’ अंकित है. 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा तिकोना समकोण त्रिभुज का ध्वज में अग्नि की ज्वाला और उगते हुए सूर्य का रंग है. चंपत राय ने बताया कि यह त्याग और समर्पण का प्रतीक है.
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