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बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जयंती: अमित शाह ने किया नमन, ‘वंदे मातरम्’ को बताया राष्ट्रीय चेतना का आधार

Bankim Chandra Chattopadhyay Jayanti: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने महान साहित्यकार, बंगाल नवजागरण के पुरोधा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रणेता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है. 26 जून को उनकी जयंती के अवसर पर अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर उनके योगदान को याद किया.

गृह मंत्री ने क्या लिखा?

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “महान साहित्यकार एवं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रणेता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी की जयंती पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूं. बंकिमचंद्र जी ने अपनी अमर कृति ‘आनंदमठ’ के माध्यम से मातृभूमि के प्रति समर्पण, त्याग व राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया. ‘वंदे मातरम्’ की रचना कर उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा, प्रेरणा व वैचारिक आधार प्रदान किया. आज ‘वंदे मातरम्’ 150 वर्ष पूर्ण होने पर अपने आदि स्वरूप में संपूर्ण देश में राष्ट्रीय एकता और आत्मगौरव का संदेश दे रहा है.”

आनंदमठ आंदोलन के लिए प्रेरणा

बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म 26 जून 1838 को हुआ था. वे बंगाली साहित्य के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं. उनकी रचना ‘आनंदमठ’ (1882) ने स्वाधीनता आंदोलन को अभूतपूर्व प्रेरणा दी. इस उपन्यास में शामिल गीत ‘वंदे मातरम्’ जल्द ही राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बन गया. ब्रिटिश शासन के खिलाफ यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों का युद्ध मंत्र बना. महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर समेत अनेक नेताओं ने इसे विशेष महत्व दिया.


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कई नेताओं और आम नागरिकों ने भी बंकिमचंद्र जी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उनकी रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं क्योंकि वे सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्र निर्माण की बात करती हैं. बंकिमचंद्र ने न केवल साहित्य की दृष्टि से योगदान दिया, बल्कि सामाजिक जागृति और राष्ट्रवाद की नींव रखी. ‘वंदे मातरम्’ आज भी हर भारतीय के हृदय में गूंजता है और देश की एकता को मजबूत करता है. अमित शाह का यह नमन राष्ट्र के उन महान सपूतों को याद दिलाता है, जिनकी बदौलत आज हम स्वतंत्र भारत में सिर ऊंचा करके जी रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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