वरिष्ठ नेता P. Chidambaram के पहलागाम आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) और ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर दिए गए बयान (Chidambaram statement) ने, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान आतंकवाद (Pakistan terrorism) की भूमिका पर सवाल उठाए, एक बड़ा बीजेपी-कांग्रेस टकराव (BJP Congress clash) खड़ा कर दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर पर आज (28 जुलाई) से संसद के मानसून सत्र में चर्चा होने वाली है, लेकिन इस चर्चा से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) ने पहलगाम हमले को सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसको लेकर विवाद शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के के बाद सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी सरकार देना नहीं चाहती है.
चिदंबरम ने पूछा, “आतंकवादी हमलावर कहां हैं? आपने उन्हें पकड़ा क्यों नहीं? आपने उनकी पहचान तक क्यों नहीं की? अचानक खबर आती है कि हमने दो या तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने उन्हें शरण दी थी. अब उसका क्या हुआ?” इसके अलावा, यूपीए कार्यकाल में गृह मंत्री रहे कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार “यह बताने को तैयार नहीं है कि एनआईए ने इन हफ्तों में क्या किया है. क्या उन्होंने आतंकवादियों की पहचान की है, वे कहाँ से आए थे? मेरा मतलब है, जहां तक हम जानते हैं, वे घरेलू आतंकवादी हो सकते हैं. आप यह क्यों मान रहे हैं कि वे पाकिस्तान से आए थे ? इसका कोई सबूत नहीं है. वे नुकसान को भी छिपा रहे हैं.”
पी. चिदंबरम के इस बयान के बाद बीजेपी हमलावर हो गई है. बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने पलटवार करते हुए कहा, “ऐसा क्यों है कि जब भी हमारी सेनाएं पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना करती हैं, तो कांग्रेस के नेता भारत के विपक्ष की बजाय इस्लामाबाद के बचाव पक्ष के वकील जैसे लगते हैं? जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है, तो कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए.”
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चिदंबरम (P. Chidambaram) ने ऑपरेशन सिंदूर पर व्यापक बयान न देने के लिए प्रधानमंत्री की भी आलोचना की .चिदंबरम ने कहा, “हम जानते हैं कि यह एक खुफिया विफलता थी. लेकिन 2008 में मुंबई में हुआ आतंकवादी हमला भी एक खुफिया विफलता थी. जब मैंने गृह मंत्री का पदभार संभाला तो मैं मुंबई गया और मैंने पूरे प्रेस को बुलाया. मैंने जो पहला वाक्य कहा, वह यह था कि मैं खुफिया विफलता के लिए क्षमा चाहता हूं. यह एक खुफिया विफलता थी, सात या आठ पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों का नाव से मुंबई आना, जो भारत की वाणिज्यिक और वित्तीय राजधानी है, और होटल ताज तक पैदल जाना, एक स्पष्ट खुफिया विफलता थी.”
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक हमले करके पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया .21 जुलाई को मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही संसद में विपक्ष द्वारा सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर बहस कराने की मांग को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है, जिसमें पहलगाम आतंकी हमला और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बिहार में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही एसआईआर प्रक्रिया शामिल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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