Bharat Express Urdu Conclave: दिल्ली की राजधानी में पत्रकारिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ, जहां भारत एक्सप्रेस उर्दू के ‘बज्म-ए-सहाफत’ कॉन्क्लेव ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. इस भव्य कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) का स्वागत किया गया. सीएम ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जो उर्दू पत्रकारिता के उत्थान और नए भारत के निर्माण पर केंद्रित था. उनके साथ दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra)और भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) उपेंद्र राय (CMD Upendra Rai) भी उपस्थित रहे.
इस आयोजन की खासियत रही प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) का समर्थन. आचार्य ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर भारत एक्सप्रेस की तारीफ की. उन्होंने काव्यात्मक शब्दों में लिखा, “सहाफत के ‘सहरा’ में ‘कदम्ब’ का वृक्ष है भारत-एक्सप्रेस.” यह पंक्ति पत्रकारिता के रेगिस्तान में भारत एक्सप्रेस को छायादार वृक्ष के रूप में चित्रित करती है, जो ज्ञान और प्रेरणा का स्रोत है. आचार्य की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
कार्यक्रम का थीम ‘नए भारत की बात उर्दू के साथ’ रहा, जो उर्दू भाषा के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा को प्रोत्साहित करता है. कॉन्क्लेव में विभिन्न वक्ताओं ने उर्दू पत्रकारिता की चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श किया. सीएम रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली सरकार उर्दू शिक्षा और मीडिया को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, “उर्दू हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, और ऐसे आयोजन इसे जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.” कपिल मिश्रा ने भी उर्दू के माध्यम से सामाजिक एकता पर जोर दिया.
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‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ कॉन्क्लेव भारत एक्सप्रेस की एक पहल है, जो उर्दू पत्रकारों को मंच प्रदान करती है. इसमें फोटो और वीडियो के माध्यम से कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं को कैद किया गया, जैसे दीप प्रज्वलन, वक्ताओं का स्वागत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां. भारत एक्सप्रेस के CMD उपेंद्र राय ने कहा, “यह आयोजन उर्दू को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास है.” यह कार्यक्रम न केवल पत्रकारिता को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देता है. आचार्य प्रमोद कृष्णम जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों का समर्थन इसे और प्रासंगिक बनाता है. आने वाले समय में ऐसे आयोजनों से उर्दू मीडिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
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