देश

सूरत से परीक्षा देने गांव लौटा था छात्र, सुबह मिला सिर में लगी गोली के साथ शव; घर में पसरा मातम

रिपोर्ट- आशुतोष पाण्डेय


बिहार के भोजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एक तरफ जहां एक परिवार अपने बेटे के घर लौटने की खुशी मना रहा था, वहीं अगली ही सुबह घर में मातम पसर गया. सूरत से परीक्षा देने अपने गांव लौटे 17 साल के सुमित पांडेय की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. अपराधियों ने सुमित के सिर में गोली मारी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई.

क्या है पूरा मामला?

घटना शाहपुर थाना क्षेत्र के बनाही गांव की है. मृतक सुमित पांडेय (पिता राजू पांडेय) लंबे समय से गुजरात के सूरत में रह रहा था. वह अपनी परीक्षाएं देने के लिए रविवार को ही अपने पैतृक गांव वापस आया था. सुमित के दादा रमाकांत पांडेय ने बताया कि रविवार की रात वह घर पर ही था, लेकिन वह किस वक्त और किसके साथ बाहर निकला, इसकी भनक परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं लगी.

सोमवार की सुबह जब बिहिया-बनकट रोड के पास उसका लहूलुहान शव मिला, तब जाकर गांव में शोर मचा. सुमित को सिर में बेहद करीब से गोली मारी गई थी, जिससे साफ पता चलता है कि अपराधी उसे जान से मारने की नीयत से ही आए थे.

गांव में दहशत और पुलिस की कार्रवाई

जैसे ही यह खबर फैली, बनाही गांव और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा के सदर अस्पताल भेज दिया है.

इस वारदात के बाद सुमित के घर में कोहराम मचा हुआ है. भाई अविनाश और दादा रमाकांत का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव वाले इस बात से हैरान हैं कि आखिर एक 17 साल के लड़के की किसी से ऐसी क्या दुश्मनी हो सकती है कि उसकी जान ले ली जाए.

पुलिस के हाथ अब तक क्या लगा?

भोजपुर पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है. जिस तरह से सिर में गोली मारी गई है, उससे यह किसी सोची-समझी साजिश या पुरानी रंजिश का नतीजा लग रहा है. पुलिस ने अपने मुखबिरों को सक्रिय कर दिया है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. फिलहाल, हत्या की असली वजह क्या थी और इस वारदात के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा होना बाकी है.

ये भी पढ़ें:13 साल की जंग के बाद हरीश राणा की विदाई बनेगी नई उम्मीद, अंगदान से कई लोगों को मिलेगा जीवन

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

बंगाल के अकाल के बीच कैसी थी दुर्गा पूजा? कहीं भोग की थाली सजी, तो कहीं एक मुट्ठी चावल के लिए तरसे लोग

1943 के बंगाल अकाल में लाखों लोगों ने भूख और कुपोषण के कारण अपनी जान…

4 hours ago

झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों का NHM दफ्तर पर प्रदर्शन: 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेट

Jharkhand 108 ambulance workers protest Ranchi: रांची में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बकाया वेतन और…

4 hours ago

‘पहले वैकल्पिक व्यवस्था, फिर विस्थापन!’ ओंकारेश्वर में 19 अक्टूबर से चक्का जाम का ऐलान, संतों और व्यापारियों ने खोला मोर्चा

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास परियोजनाओं…

4 hours ago

उन्नाव में चलती AC बस में लगी भीषण आग, वाटर पार्क से लौट रहे थे बच्चे

उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में अचानक आग लग…

4 hours ago

ताहिर हुसैन की बढ़ेंगी मुश्किलें! दंगा भड़काने के मामले में कोर्ट ने सुनाई 2 साल की कैद और जुर्माना

दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व…

5 hours ago