पिता को पुष्पांजलि देते चिराग पासवान
Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए अभी करीब 3 महीने का समय है. हालांकि, इससे पहले सियासी दल अपनी-अपनी चाल चलना शुरू कर चुके हैं. इस बीच राजनीति के मौसम वैज्ञानिक कहे जाने वाले राम विलास पासवान के बेटे और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Minister Chirag Paswan) ने 2014 में बीजेपी से विरोध के बाद भी NDA में शामिल होने के राज से पर्दा उठा दिया है. उस दौर में कुछ ऐसे हालात बने थे की सीनियर पासवान ने बेटे से जहर खाने तक की बात कह दी थी. आइये जानें उस समय क्या-क्या हुआ था?
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2025) अक्टूबर नवंबर में होने वाले हैं. इसके लिए चुनाव आयोग और सियासी दल अपनी-अपनी तैयारी कर रहे हैं. दल बदल के दौर के बीच प्रदेश की जनता भी अपने पूरे मूड में आ गई है. इसी समय एक यूट्यूब चैनल को दिए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के इंटरव्यू ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ गठबंधन के सख्त खिलाफ थे. चिराग ने साक्षात्कार में बताया कि उनके पिता ने कहा था, “मैं बीजेपी के साथ जाने से पहले जहर खा लूंगा.”
चिराग ने बताया कि उनके पिता ने 2013 के नवंबर से 2014 के मध्य फरवरी तक राहुल गांधी से मिलने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी. उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार सोनिया गांधी से मुलाकात की लेकिन हर बार उन्हें कहा गया कि राहुल से मिलने का समय तय होगा, जो कभी नहीं हुआ. आखिरकार, रामविलास पासवान ने बीजेपी के साथ गठबंधन कर लिया.
ये भी पढ़ें: बिहार की चुनावी बयार में कैसे 94 दिन में बदले मनीष कश्यप?
चिराग पासवान ने कहा कि वह बिहार विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा मैं हर सीट पर पूरी ताकत के साथ लड़ूंगा. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उनका मतलब सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने से है या फिर वे सांकेतिक रूप से NDA में प्रभावशाली भूमिका की बात कर रहे हैं.
2020 के विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav) में चिराग ने 130 से ज्यादा सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन केवल एक सीट पर जीत हासिल हुई. फिर भी, चिराग ने दावा किया था कि उनकी रणनीति नीतीश कुमार को नुकसान पहुंचाने की थी, जिसमें वह सफल रहे और बीजेपी को फायदा हुआ. चिराग ने कहा कि वह चाहते हैं कि युवा केवल जाति से नहीं, बल्कि प्रगति से अपनी पहचान बनाएं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब चिराग एक खास जातीय समूह के नेता के रूप में अपनी भूमिका को बखूबी निभाते हैं.
BJP Rajya Sabha Candidates: उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर से होने वाले राज्यसभा चुनाव को…
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर केंद्र सरकार,…
मॉस्को में एक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए बेहद अनोखे अंदाज में…
GST Reform Compliance Refund Process: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि GST सुधारों का अगला…
नंदीग्राम उपचुनाव से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के…
हीरो विडा इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री में अगस्त में 108% का उछाल आया है. मात्र…