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बिहार की चुनावी बयार में कैसे 94 दिन में बदले मनीष कश्यप?

यूट्यूबर और पूर्व बीजेपी नेता मनीष कश्यप प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में शामिल हो गए हैं. टाइमलाइन और उनके बयानों से समझें वो कैसे बदल गए?

Manish Kashyap political career BJP Jan Suraj Party

मनीष कश्यप का सियासी सफर

Manish Kashyap Join Jan Suraj: बिहार में इलेक्शन के ऐलान से पहले ही चुनावी बयार चल पड़ी है. सियासी दलों की तैयारियों के साथ ही दल बदल का दौर भी शुरू हो गया है. नेता टिकट के लिए दावे करने लगे हैं और उम्मीद न होने पर दूसरे दलों का दामन थाम रहे हैं. इसी कड़ी में बिहार के जाने माने यूट्यूबर और पूर्व बीजेपी नेता मनीष कश्यप ने पल्टी मार ली है. कुछ दिनों पहले उन्होंने बीजेपी (BJP) से खुद को अलग कर लिया था. अब उन्होंने बिहार की नई नवेली पार्टी यानी प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) की जन सुराज (Jan Suraj Party) को ज्वाइन कर लिया है. हालांकि, उनके इस सियासी कदम के साथ ही वो सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए हैं.

अप्रैल 2024 में बीजेपी में शामिल हुए थे. हालांकि, जून 2025 में उन्होंने पार्टी से खुद को अलग कर लिया था. इससे कुछ दिनों पहले उन्होंने भारत एक्सप्रेस के पॉडकास्ट में प्रशांत किशोर को पूरी तरह से नकार दिया था. हालांकि, उन्हें अपने बयान से पलटी मारने में 94 दिन लगे. आइये जानें 94 दिन में कैसे पलट गए मनीष कश्यप?

टाइमलाइन पर गौर करें (Manish Kashyap political career)

  • 25 अप्रैल 2024: इस रोज मनीष कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी. उन्हें मनोज तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई थी.
  • 4 अप्रैल 2025: बीजेपी ज्वाइन करने के करीब एक साल भी मनीष भारत एक्सप्रेस का पॉडकास्ट में आए थे. इसमें उन्होंने प्रशांत किशोर को नकार दिया था.
  • 7 जून 2025: मनीष कश्यप ने बीजेपी से खुद को अलग कर लिया. इसकी जानकारी उन्होंने एक फेसबुक लाइव के जरिए जनता को दी थी.
  • 2 जुलाई 2025: फोटो शेयर का जन सुराज ज्वाइन करने का ऐलान किया था. उन्होंने बताया था कि 7 जुलाई को इतिहास बनने जा रहा है.
  • 7 जुलाई 2025: आखिरकार उन्होंने प्रशांत किशोर का जन सुराज पार्टी पार्टी ज्वाइन कर लिया. उन्हें खुद PK ने पार्टी की सदस्यता दिलाई.

408 दिन का रहा बीजेपी में सफर

पिछले साल 25 अप्रैल को मनीष कश्यप ने बीजेपी ज्वाइन की थी. तब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की जनकर तारीख की थी. उन्हें कद्दावर नेता मनोज तिवारी ने पार्टी की सदस्यता दिलाई थी. तब मनीष कश्यप ने कहा था कि इन लोगों की वजह से ही मैं जेल से निकलकर आया हूं. जीवन के बुरे दिन खत्म हो पाए इसलिए मैं भाजपा ज्वाइन किया हूं. अब बिहार को मजबूत करना है. बीजेपी के साथ मिलकर बिहार का विकास करना है.

इसके ठीक 408 दिन बाद यानी 7 जून 2025 को मनीष कश्यप ने खुद को बीजेपी से अलग कर लिया. इस दिन रात को करीब 10 बजे के आसपास वो फेसबुक में लाइव आए और इस बात की जानकारी सबसे साझा की थी. तब उन्होंने कहा था कि मुझसे गलती हो गई थी. बड़े भावुक अंदाज में उन्होंने कहा था कि मैंने तन, मन, धन से बीजेपी के लिए काम किया था. हालांकि, पार्टी ने मेरी इज्जत तक नहीं बचाई. उन्होंने पटना के पीएमसीएच जूनियर डॉक्टरों से झड़प के मामले में बीजेपी की उदासीनता पर सवाल उठाए थे. इसे ही उन्होंने इस्तीफे का आधार बताया था.

प्रशांत किशोर पर 94 दिन में बदल गए

मनीष कश्यप बीजेपी इस्तीफा देने से करीब 2 महीने पहले यानी 4 अप्रैल 2025 भारत एक्सप्रेस के पॉडकास्ट में शामिल हुए थे. इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि प्रशांत किशोर या तेजस्वी यादव तो उन्होंने कहा कि दोनों में कोई नहीं. इतना ही नहीं उन्होंने इसके पीछे का कारण भी बताया था. उन्होंने कहा कि एक से तो विचारधारा मैच नहीं करती है एक नौवा फेल है. तब उन्होंने जमकर प्रशांत किशोर की खिंचाई की थी. उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ समय में जहां-जहां प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए रणनीति बनाई वहां-वहां कांग्रेस हार गई.

भारत एक्सप्रेस को पॉडकास्ट देने के 94 दिन बाद यानी 7 जुलाई 2025 को जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता बन गए. हालांकि, उन्होंने इस बात की इशारा 3 जुलाई को अपने एक X पोस्ट में दे दिया था. तब उन्होंने प्रशांत किशोर के साथ एक फोटो शेयर करते हुए कहा था कि 7 जुलाई को इतिहास बनेगा. मतलब करीब 3 महीने पहले जिस प्रशांत किशोर की विचारधारा मैच नहीं कर रही थी अब वो मैच करने लगी है. इसी कारण तो मनीष कश्यप उनकी पार्टी में शामिल हो गए हैं.

बिहार में चुनावी बयार निशाने पर मनीष कश्यप

बिहार में अगले विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने हैं. अभी तारीखों को लेकर केवल कयास लगाए जा रहे हैं. इससे पहले मनीष कश्यप ने अपनी नई जमीन के लिए नया ठिकाना तलाश लिया है. कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि प्रशांत किशोर अब उन्हें कोई बड़ा पद दे सकते हैं. इतना ही नहीं उन्हें जोरों से विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा. हालांकि, इससे पहले मनीष कश्यप मीम मटेरिल बन गए हैं. लोग उनसे कई सवाल कर रहे हैं. अब देखना होगा कि उनका सियासी करियर किस मोड़ पर पहुंचता है.



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