Bihar News: अगर आप बिहार की राजनीति और क्राइम के गठजोड़ को समझना चाहते हैं तो आपको 90 के दशक में जाना पड़ेगा. उस दौर में बिहार में बाहुबलियों का बोलबाला था. छोटन शुक्ला, मुन्ना शुक्ला, भुटकुन शुक्ला, बृजबिहारी प्रसाद जैसे नाम सत्ता के गलियारों में गूंजते थे. लेकिन इन्हीं के बीच एक नाम ऐसा भी था जिसकी तूती पटना से लेकर गोरखपुर तक बोलती थी. जी हां हम बात कर रहे हैं सूरजभान सिंह की.
सूरजभान सिंह का जन्म 5 मार्च 1965 को मोकामा में हुआ था. एक किसान परिवार से आने वाले सूरजभान ने राजनीति में कदम रखने से पहले बाहुबली के रूप में पहचान बनाई. उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे लेकिन उन्होंने राजनीति को अपनी नई राह बना ली.
साल 2000 में सूरजभान ने मोकामा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा और राजद के कद्दावर नेता दिलीप सिंह को भारी मतों से हराया. यह वही दिलीप सिंह थे जो अनंत सिंह के बड़े भाई थे और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके थे. उस समय सूरजभान सिंह पर करीब 50 केस दर्ज थे लेकिन जनता ने उन्हें जिताया.
इसके बाद सूरजभान सिंह लोजपा से सांसद बने. लेकिन बृजबिहारी हत्याकांड में सजा मिलने के बाद उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया गया. तब उन्होंने अपनी पत्नी वीणा देवी और भाई चंदन सिंह को राजनीति में उतारा. दोनों सांसद बने और सूरजभान ने बैकफुट से राजनीति को दिशा देना शुरू किया.
अब 2025 में फिर से मोकामा की राजनीति गर्म है. हाल ही में अनंत सिंह ने सूरजभान को लेकर तीखी टिप्पणी की जिसे सूरजभान ने दिल पर ले लिया. चर्चा है कि सूरजभान अपने परिवार के किसी सदस्य को राजद के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़वा सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो साल 2000 की कहानी फिर से दोहराई जा सकती है.
मोकामा सीट पर सूरजभान और अनंत सिंह के बीच मुकाबला सिर्फ दो नेताओं का नहीं बल्कि दो राजनीतिक धाराओं का टकराव होगा. एक तरफ पुरानी बाहुबली राजनीति की छवि तो दूसरी तरफ नई सियासी रणनीति. अगर सूरजभान अपने पुराने तेवर में लौटते हैं तो मोकामा की लड़ाई बिहार चुनाव की सबसे बड़ी लड़ाई बन सकती है.
इसे भी पढ़ें-महागठबंधन बीमार, इलाज दिल्ली में! सीट बंटवारे पर फंसा पेंच, राहुल गांधी करेंगे इलाज?
इतिहास कहता है कि वह खुद को दोहराता है. मोकामा की सियासत भी शायद यही करने जा रही है. अब देखना यह है कि सूरजभान सिंह फिर से चुनावी रणभूमि में उतरते हैं या अपने किसी करीबी को मैदान में भेजते हैं. जो भी हो, मोकामा की लड़ाई इस बार सिर्फ सीट की नहीं बल्कि साख की भी होगी.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
JUSTICE B.R. GAVAI ADDRESS: 9वें एन.सी. चागला मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट…
PMLA BAIL REJECTED BY HC: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड के मुख्य प्रमोटर…
निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध हालत में मौत. 2014 में…
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार…
मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की 4800 मीटर दौड़ के दौरान BTech पास अभ्यर्थी की मौत.…
Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी 2026 में 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी. मध्याह्न पूजा…