तेजस्वी यादव ने बंशीधर ब्रजवासी और डॉ. राहुल राज की सदस्यता पर उठाए सवाल (इमेज-ANI)
Tejashwi Yadav: बिहार में दो निर्दलीय विधान पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद सियासी बवाल खड़ा हो गया है. तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित डॉ. राहुल राज ने चुनाव के बाद बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है. इस पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए दोनों की विधान परिषद सदस्यता रद्द करने की मांग की है. तेजस्वी का कहना है कि निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होना संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल के दायरे में आता है.
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) का जिक्र किया. इसके मुताबिक, यदि कोई सदस्य किसी राजनीतिक दल द्वारा उम्मीदवार घोषित किए बिना अर्थात स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होता है और निर्वाचन के पश्चात किसी राजनीतिक दल में शामिल हो जाता है, तो वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य हो जाएगा.
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 191(2) का भी हवाला दिया. इस प्रावधान के तहत दसवीं अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य घोषित व्यक्ति राज्य के विधानमंडल का सदस्य बने रहने के योग्य नहीं होता.
तेजस्वी ने कहा कि दसवीं अनुसूची के पैरा 6(1) के तहत दल-बदल के आधार पर सदस्य की अयोग्यता से जुड़े सवाल पर फैसला लेने का अधिकार संबंधित सदन के सभापति को है. उन्होंने मांग की कि बंशीधर ब्रजवासी और डॉ. राहुल राज के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही बिना देरी के शुरू की जाए.
तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक बना रही है. उन्होंने कहा कि जब बीजेपी के किसी विधायक को अदालत से सजा होती है, तब स्पीकर उसकी सदस्यता रद्द करने में कार्रवाई नहीं करते. इस संदर्भ में उन्होंने साहेबगंज के विधायक राजू सिंह का उदाहरण दिया.
बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के विधायकों को अपने पाले में लाने के बावजूद कई बार शिकायत और लिखित आवेदन देने पर भी उनकी सदस्यता रद्द नहीं की जाती. लेकिन निर्दलीय विधान पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के मामले में कानून की अलग व्याख्या की जा रही है.
उन्होंने बीजेपी और आरएसएस को संविधान और लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए कहा कि पार्टी अपनी सुविधा के हिसाब से संवैधानिक नियमों का इस्तेमाल कर रही है.
ये भी पढ़ें- दिवाली से ठीक पहले महंगाई की तगड़ी खुराक…! बढ़ गए सिलेंडर के दाम, जानें क्या है नया रेट
इस पूरे विवाद में अब विधान परिषद के सभापति की भूमिका अहम होगी. संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता से जुड़े मामले में फैसला लेने का अधिकार सभापति के पास है.
-भारत एक्सप्रेस
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में बदलने की…
LPG Cylinder Price Hike: तेल कंपनियों ने 1 नवंबर 2026 से 19 किलो वाले कमर्शियल…
रवि पुष्य नक्षत्र और अहोई अष्टमी के संयोग में 1 नवंबर 2026 का दिन ज्योतिषीय…
1 नवंबर 2026 को रवि पुष्य नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग और त्रिपुष्कर योग समेत कई…
Noida Encounter: नोएडा के सेक्टर-126 में पुलिस और CRT की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार…
दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी-नई दिल्ली…