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रेल कॉरिडोर से लेकर यूरिया फैक्ट्री तक, चुनावी राज्यों को क्या दे गया budget 2026?

Budget 2026 For Election States: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केन्द्रीय बजट 2026-27 को संसद के पटल पर रखा. इस बार का बजट सभी सेक्टरों के लिए जरूरत के हिसाब से एकदम मिला जुला रहा. लेकिन इस बजट में सबसे ज्यादा ख्याल अगर किसी का रखा गया तो वह है चुनावी राज्य. बता दें कि इस साल असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधनसभा चुनाव होने हैं. इनमें असम और पुडुचेरी को हटा दें तो सभी राज्यों में भाजपा का जनाधार कोई खास रहा नहीं है.

हालांकि पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने पिछले कुछ चुनावों में लगातार अपने आप को मजबूत किया है, जिसके चलते यहां का चुनाव सर्वाधिक रोचक है जोकि किसी भी करवट बदल सकता है. इसी समीकरण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट 2026 में चुनावी राज्यों का विशेष ख्याल रखा है.

सात में से 3 हाई स्पीड रेल मिली चुनावी राज्यों को

आज बजट को पेश करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अगले कुछ वर्षों में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. ये हाई स्पीड कॉरिडोर पुणे-मुंबई, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, बेंगलुरु-चेन्नई, हैदराबाद-चेन्नई, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच बनाए जाएंगे.

इस ऐलान के बाद टीयर-2 शहरों को टीयर-3 शहरों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा. चौंकाने वाली यह रही कि इन सात कॉरिडोर में से तीन का संबंध चुनाव वाले राज्यों हैं. बता दें कि बेंगलुरु-चेन्नई और हैदराबाद-चेन्नई का संबंध तमिलनाडु से है. तो वहीं वाराणसी से सिलीगुड़ी कॉरिडोर का संबंध पश्चिम बंगाल से है, जहां इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं.

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केरल-तमिलनाडु में ऐसे साधा समीकरण

बजट में काजू, कोको और नारियल में संलग्न किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी निकल करके सामने आ रही है. दरअसल यह फसलें भारत के तटीय राज्य केरल और तमिलनाडु में प्रमुख से पाई जाती हैं. बजट के मुताबिक, भारत को कच्चे काजू और कोको उत्पादन तथा प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे. सरकार के इस कदम से न सिर्फ इन फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी बल्कि इससे अपने चुनावी समीकरणों को साधने में भी बड़ी सफलता हाथ लगेगी. क्योंकि दोनों ही राज्य में बड़े पैमाने पर किसान इन्ही फसलों का उत्पादन करता है.

असम को मिला यूरिया फैक्ट्री का तोहफा

सरकार ने चुनावी राज्य असम को भी साधते हुए एक यूरिया कारखाना लगाने की घोषणा की. बता दें कि इस फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता 12.7 लाख मीट्रिक टन सालाना होगी .यूरिया का नया कारखाना असम के नामरूप में लगाया जाएगा. केन्द्रीय वित्तमंत्री ने बताया कि यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार ने पूर्वी क्षेत्र में निष्क्रिय पड़े तीन यूरिया कारखानों को फिर से शुरू किया है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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