केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई करते हुए संस्थान के चांसलर डी. पी. सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
जानकारी के मुताबिक इस एफआईआर में डी. पी. सिंह के अलावा कुल 35 लोगों के नाम शामिल हैं. CBI द्वारा दर्ज की गई इस प्राथमिकी में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के 8 अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं.
आरोप है कि देशभर के मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण और नियामक प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार किए गए.
एफआईआर में भ्रष्टाचार, प्रक्रियागत गड़बड़ियों और पद का दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कहा गया है कि कॉलेजों के निरीक्षण के नाम पर मिलीभगत से गलत रिपोर्ट दी गई और कई संस्थानों को नियामक मंजूरी गलत तरीके से दी गई.
गौरतलब है कि डी. पी. सिंह वर्ष 2018 से 2021 तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इस दौरान उनके कार्यकाल में कई उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़ी प्रक्रियाएं और मंजूरियां दी गई थीं, जिन पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं.
CBI मुख्यालय में स्थित AC-3 ब्रांच इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है. जल्द ही नामजद सभी व्यक्तियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जा सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, इस जांच में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं और आने वाले दिनों में CBI द्वारा छापेमारी या गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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