देश

सरकार 10 लाख नागरिकों को देगी फ्री AI ट्रेनिंग, ग्रामीण उद्यमियों को मिलेगी प्राथमिकता : केंद्रीय मंत्री

केंद्र सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत आने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की मदद से कम से कम 10 लाख नागरिकों को एआई में मुफ्त प्रशिक्षण देगी.

90 प्रतिशत गांवों में पहुंचा सीएससी

आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, अगर हर गांव तक पहुंचने में सक्षम कोई माध्यम है, तो वह सीएससी है. यह देश के 90 प्रतिशत गांवों में पहुंच चुका है.

यूपीआई भुगतान वीजा लेनदेन से निकल गया आगे

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “देशभर के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) ने प्रत्येक नागरिक तक डिजिटल इंडिया का लाभ पहुंचाकर एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है.” उन्होंने आगे कहा, “जब दुनिया सोच रही थी कि एक चायवाला या सब्जीवाला डिजिटल भुगतान कैसे प्राप्त कर सकता है, तो आज वह सपना सच हो गया है. यूपीआई भुगतान वीजा लेनदेन से भी आगे निकल गया है. यह 1.4 अरब भारतीयों की ताकत है.”

वैष्णव ने एंजेलिना की प्रेरक कहानियों का दिया हवाला

वैष्णव ने मयूरभंज जिले की वीएलई मंजुलता और मेघालय की वीएलई रोज एंजेलिना की प्रेरक कहानियों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, दोनों महिलाओं ने डिजिटल कौशल हासिल किए और अपने समुदायों को सशक्त बनाया. वैष्णव ने आगे कहा, “मेघालय के पूर्वी-पश्चिमी खासी हिल्स की मनोरम पहाड़ियों और दूरदराज के गांवों के बीच, महिला वीएलई रोज एंजेलिना एम. खारसिंट्यू ने एक डिजिटल क्रांति की पटकथा लिखी है. मायरंग क्षेत्र में अपने केंद्र के माध्यम से, वह न केवल सेवाएं प्रदान कर रही हैं, बल्कि परिवर्तन, सशक्तिकरण और सामुदायिक सेवा की एक मिसाल भी कायम कर रही हैं.”

मंत्री ने आईआरसीटीसी सेवाएं शुरू करने का किया आग्रह

मंत्री ने सभी वीएलई से आईआरसीटीसी सेवाएं शुरू करने का भी आग्रह किया. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने डिजिटल खाई को पाटने में सीएससी की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “डिजिटल इंडिया के लाभों को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने का संकल्प हमारे वीएलई भाइयों और बहनों की मदद से आगे बढ़ रहा है. दस साल पहले, जब हमने डिजिटल इंडिया पहल शुरू की थी, तब प्रधानमंत्री का एक विकसित भारत की नींव रखने का विजन था.”

CSC की संख्या बढ़कर 5.50 लाख हुई

उन्होंने बताया कि 2014 में केवल 83,000 सीएससी केंद्र थे, जबकि आज इनकी संख्या बढ़कर लगभग 5.50 लाख हो गई है. प्रसाद ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) को सीएससी के साथ एकीकृत करने पर जोर दिया और 74,000 से ज्यादा महिला वीएलई का आभार व्यक्त किया जो सशक्तिकरण के नए मानक स्थापित कर रही हैं. उन्होंने कहा, “हम अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में हैं और यह तेजी से आगे बढ़ रहा है. समय के साथ, हमें लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग करना चाहिए.”

-भारत एक्सप्रेस 

Akansha

Recent Posts

अभी तो तगड़ा बवाल काटेगा मॉनसून…! 22 राज्यों में चक्रवातीय तूफान और मूसलाधार बारिश का अलर्ट

Weather Update Today: 1 अक्टूबर 2026 को देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और…

1 minute ago

आज से ‘नो PUC, नो फ्यूल’ लागू! दिल्ली के पेट्रोल पंप पर जाने से पहले जांच लें सर्टिफिकेट, वरना 10 हजार रूपये की चपत

Delhi News: दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है.…

3 minutes ago

महीने के पहले ही दिन महंगाई का झटका! ATF और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा, जानें नए रेट्स

ATF Price Hike: 1 अक्टूबर 2026 से तेल कंपनियों ने जेट फ्यूल (ATF) और कमर्शियल…

37 minutes ago

रोहित शर्मा के शतक का जश्न क्यों इतना खास? जडेजा ने पूछा राज, हिटमैन ने दिया मजेदार जवाब

Rohit Sharma Century Celebration: वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 रन बनाने के बाद रोहित शर्मा के…

41 minutes ago

सोने-चांदी के दामों में फिर लौटी चमक! अक्टूबर के पहले दिन जोरदार तेजी, जानिए आज के भाव

लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद आज यानी 1 अक्टूबर को सोने और चांदी…

43 minutes ago