FTI-TTP India: चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (CCSIA), लखनऊ को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) को अपनाना गर्व की बात है. यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के इमिग्रेशन ब्यूरो का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य इमिग्रेशन प्रक्रिया में यात्रियों की सुविधा को बढ़ाना है. इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने CCSIA के टर्मिनल 3 (टी3) पर समर्पित काउंटरों का वर्चुअल अनावरण करके शुभारंभ किया.
भारतीय पासपोर्ट धारकों और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई यह पहल 11 सितंबर 2025 से लखनऊ हवाई अड्डे पर लागू होगी. यह शुभारंभ परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी को सक्षम बनाने और यात्रियों के अनुभव को दक्षता और सुविधा के साथ बेहतर बनाने में CCSIA की भूमिका को रेखांकित करता है.
FTI-TTP भारत सरकार द्वारा बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण के माध्यम से शासन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस पहल का उद्देश्य भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्डधारकों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, जो सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और आव्रजन ब्यूरो के सहयोग से एफटीआई-टीटीपी के लिए रोडमैप तैयार किया है.
1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेश: इच्छुक व्यक्तियों को आधिकारिक सरकारी पोर्टल https://ftittp.mha.gov.in/fti/ के माध्यम से अपना विवरण और आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होंगे.
2. इमिग्रेशन ब्यूरो द्वारा वेरिफिकेशन: जमा करने के बाद, आवेदनों का सत्यापन किया जाता है और ई-गेट्स पर सुचारू प्रसंस्करण के लिए ‘विश्वसनीय यात्रियों’ की एक श्वेतसूची बनाई जाती है.
3. बायोमेट्रिक नामांकन: स्वीकृत प्रतिभागियों को निर्दिष्ट स्थानों, जैसे कि विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) या हवाई अड्डे के काउंटरों पर बायोमेट्रिक डेटा प्रदान करना होगा.
CCSIA में FTI-TTP भारत के विमानन और यात्रा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नवाचार और यात्रा को आसान बनाने को बढ़ावा देता है.
यह हवाईअड्डा 1,258 एकड़ क्षेत्र में फैला है. यात्री संख्या के हिसाब से यह देश का 11वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है. साल 2024-25 में यहां 70 लाख से ज्यादा यात्रियों ने यात्रा की. मार्च 2024 में 2,400 करोड़ रुपये की लागत से बने एकीकृत टर्मिनल-3 (टी3) के पहले चरण का उद्घाटन हुआ. इसकी क्षमता 80 लाख यात्रियों प्रतिवर्ष है. अब दूसरा चरण निर्माणाधीन है, जिसके पूरा होने पर टी3 की क्षमता 1.37 करोड़ यात्रियों तक बढ़ जाएगी.
यात्रियों की सुविधा के लिए यहां कई आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं. इनमें डिजी यात्रा, ई-गेट्स, 2डी स्कैनर, ऑटोमेटिक ट्रे रिट्रीवल सिस्टम, सेल्फ बैगेज ड्रॉप काउंटर शामिल हैं. इसके अलावा वाहनों के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और फास्टैग आधारित भुगतान व्यवस्था भी है.
-भारत एक्सप्रेस
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