Mauritius PM in Varanasi: मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भगवान शिव नगरी काशी (Varanasi) आए हैं. यहां आज उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामगुलाम के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसे उन्नत रणनीतिक साझेदारी (Enhanced Strategic Partnership) के तहत आयोजित किया गया. इस दौरान दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की.
#WATCH | Varanasi, UP | On being asked about India hosting Mauritius PM in Varanasi, Foreign Secretary Vikram Misri says, “The PM has long emphasised on the need to take foreign policy out of Delhi, and the need to take diplomacy out of Delhi, because we are talking about the… pic.twitter.com/NymPu7MGN4
— ANI (@ANI) September 11, 2025
अब दिल्ली से बाहर काशी तक विदेश नीति
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस अवसर पर मीडिया को ब्रीफिंग दी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विक्रम मिस्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंबे समय से यह जोर दिया है कि विदेश नीति को दिल्ली से बाहर ले जाना चाहिए और कूटनीति को भी दिल्ली तक सीमित नहीं रखना चाहिए. उन्होंने कहा, “हम दिल्ली की नहीं, बल्कि पूरे देश की विदेश नीति की बात कर रहे हैं.”

दो देशों के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध
मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम मुंबई, वाराणसी, अयोध्या और तिरुपति की यात्रा कर रहे हैं, जहां उन्होंने व्यापारिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा किया है. वाराणसी में, स्थानीय लोगों ने फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर और मॉरीशस के झंडे लहराकर उनका स्वागत किया. मॉरीशस के प्रधानमंत्री की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है. यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को और गहरा करने का प्रयास है, साथ ही भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और क्षेत्रीय जुड़ाव को दर्शाती है.
‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति
मार्च 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस यात्रा के बाद यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यह यात्रा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के अनुरूप है, जो क्षेत्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है. विदेश सचिव का यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और क्षेत्रीय जुड़ाव को दर्शाता है.
यह भी पढ़िए: वाराणसी में पीएम मोदी का रोड शो, लोगों ने प्रधानमंत्री पर की पुष्पवर्षा, लगे मोदी-मोदी के नारे
Also Follow Bharat Express on X
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


