देश

Chhath Puja: दिल्ली में छतों पर बाथ टब से लेकर हजारों कृत्रिम तालाब, लोग ऐसे मना रहे हैं आस्था का महापर्व छठ पूजा

Chhath Puja: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का आज तीसरा दिन है. छठ पूजा की शुरुआत 17 नवंबर से हुई थी. जिसको लेकर दिल्ली सरकार ने छठ व्रतियों के लिए विशेष सुविधाएं की है. छठ पूजा के मौके पर दिल्ली में सरकार ने 1000 घाट बनाए हैं. शुक्रवार को नहाय खाय के साथ शुरु हुआ छठ पूजा का पर्व सोमवार (20 नवंबर) को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ खत्म होगा. इस पर्व में व्रती महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं. पहले दिन नहाय खाय के साथ चावल और लौकी की सब्जी खाकर इस व्रत की शुरुआत करती हैं. इसके बाद पर्व खत्म होने तक निर्जला व्रत रखती हैं.

आज डूबते सूर्य को व्रती देंगी अर्घ्य

शनिवार को खरना के मौके पर शाम के समय गुड़ से बनी खीर बनाकर प्रसाद के तौर पर व्रत रखने वाली महिलाओं के परिवार वालों को बांटा गया. रविवार को डूबते सूर्य(अस्ताचल गामी सूर्य) को अर्घ्य देंगी. छठ पूजा को लेकर दिल्ली सरकार ने घाटों पर खास इंतजाम किए हैं. दिल्ली भर में सरकार की तरफ से 1 हजार से ज्यादा घाट बनाए गए हैं. जहां पर छठ पूजा का महापर्व मनाया जा रहा है.

सरकार ने बनाए हैं 1000 कृत्रिम जलाशय

इसके अलावा लोगों ने अपने घरों की छतों पर भी कृत्रिम जलाशय बनाकर उसमें खड़े होकर इस पर्व को मना रहे हैं. दिल्ली की राजस्व मंत्री आतिशी ने शनिवार को कहा कि सरकार ने शहर भर में 1,000 से अधिक छठ घाट बनाए हैं. अधिकारियों ने बताया कि मयूर विहार फेज-3 में बने अस्थायी घाटों के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जिला प्रशासन और पुलिस को सभी घाटों पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े.

यह भी पढ़ें- Uttarakhand Tunnel Accident: टूट रहा अंदर फंसे श्रमिकों का हौसला, परिजनों में आक्रोश, PMO ने कहा, 5 मोर्चों पर चलेगा रेस्क्यू ऑपरेशन

दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने कहा कि सोनिया विहार में अस्थायी तालाबों का निर्माण कराया गया है. सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से बताया गया कि दो कृत्रिम तालाब की व्यवस्था कराई गई है. इसे डबल लेयर प्लास्टिक से ढक दिया गया है. जिसमें लोग छठ पूजा का त्योहार मना रहे हैं.

उगते सूर्य अर्घ्य देने के साथ होगा पर्व का समापन

दिल्ला एनसीआर के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव में लोगों ने अपनी छतों पर भी कृत्रिम तरीके से तालाबों और जलाशयों की व्यवस्था की है. जहां पर 20 नवंबर को उगते सूर्य अर्घ्य देने के बाद छठ पूजा का समापन होगा.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

Recent Posts

पल्लवी पटेल की सियासत: सामाजिक न्याय, जातिगत प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं की पहुंच की पूरी कहानी

Pallavi Patel Social Justice Politics: पल्लवी पटेल की राजनीति उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्गों के…

2 minutes ago

7 जीत, अपनी पार्टी और सीबीआई से राहत: कुंडा में कैसे चलता है राजा भैया का एकछत्र राज?

UP Politics; लगातार 7 जीत, निर्दलीय से अपनी पार्टी का सफर और सीबीआई कोर्ट से…

8 minutes ago

द ट्रेजरी के रखवाले: सुरेश खन्ना ने कैसे तैयार किया यूपी का ट्रिलियन-डॉलर इकोनॉमिक ब्लूप्रिंट?

उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की रणनीति में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, MSME,…

26 minutes ago

अस्पतालों के औचक निरीक्षण से सख्त फैसलों तक: जानिए बृजेश पाठक के ‘हेल्थ मॉडल’ के 5 बड़े बदलाव

UP Budget 2026-27: उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के स्वास्थ्य सुधारों का ध्यान अस्पतालों के निरीक्षण, बुनियादी…

30 minutes ago

भीम आर्मी से सांसद बनने की पूरी कहानी: हाथ में संविधान लेकर युवाओं की सबसे बड़ी ताकत कैसे बने चंद्रशेखर?

Western UP Politics: चंद्रशेखर आजाद ने संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा, गरिमा, जमीनी सक्रियता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व…

43 minutes ago

बुढ़ापे की पैसों की चिंता खत्म! छोटे व्यापारियों के लिए सरकार की शानदार पेंशन योजना, हर महीने मिलेंगे 3,000 रुपये

छोटे दुकानदारों और स्व-रोजगार से जुड़े लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए…

48 minutes ago