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छत्तीसगढ़ स्कूलों में मंत्रोच्चार विवाद: गजेंद्र यादव बोले– बच्चों में संस्कार बढ़ेंगे, कांग्रेस ने लगाया RSS एजेंडा थोपने का आरोप

Chhattisgarh school mantra controversy: छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर स्कूलों में होने वाले मंत्रोच्चार को लेकर गरमा गई है. शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बयान के बाद कांग्रेस और सत्तापक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है. मामला अब शिक्षा व्यवस्था से निकलकर सीधे राजनीतिक और वैचारिक बहस में बदल गया है. विवाद की शुरुआत स्कूलों में भोजन से पहले मंत्रोच्चार कराने की पहल से हुई. शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि इससे बच्चों में संस्कार विकसित होंगे, भोजन के प्रति सम्मान बढ़ेगा और उनमें सकारात्मक सोच का निर्माण होगा. उन्होंने कहा कि यह परंपरा बच्चों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है.

कांग्रेस चाहती है कि बच्चे स्कूल में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत भी ना गाएं- शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे सनातन विरोधी, भारत माता विरोधी और छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान करने वाली मानसिकता का प्रतिनिधि बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस चाहती है कि स्कूलों में बच्चे राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राज्य गीत भी न गाएं. मंत्री ने आगे यह भी कहा कि अगर इसी तरह विरोध होता रहा तो क्या महापुरुषों के जीवन और योगदान का वाचन भी बंद कर दिया जाएगा. मंत्री के इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया. कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर पलटवार करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों के जरिए आरएसएस का एजेंडा थोपने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

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किसी विशेष विचारधारा को थोपना नहीं चाहिए- कांग्रेस

कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को वैज्ञानिक सोच और तर्कशीलता की दिशा में आगे बढ़ाना होना चाहिए, न कि किसी विशेष विचारधारा को थोपना. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार राज्य गीत और छत्तीसगढ़ महतारी की बात करती है, तो व्यवहार में उनकी भावना कितनी दिखाई देती है. इस पूरे विवाद ने छत्तीसगढ़ की सियासत को एक बार फिर वैचारिक खेमों में बांट दिया है. एक तरफ सरकार इसे संस्कार और संस्कृति से जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडा बता रहा है. फिलहाल यह मुद्दा ठंडा होने के बजाय और अधिक गरमाता नजर आ रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी की संभावना बनी हुई है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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