देश

Dahod Locomotive Project: पारदर्शी प्रक्रिया से सीमेंस को मिला ठेका, ‘मेक इन इंडिया’ को मिला बढ़ावा

Dahod Locomotive Project: दाहोद में 9000 हॉर्स पावर वाले इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के निर्माण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह स्पष्ट है कि यह परियोजना पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया से होकर गुजरी है. वर्ष 2022 में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए बोली प्रक्रिया आयोजित की गई थी, जिसमें वैश्विक स्तर पर पहचान रखने वाली दो बड़ी कंपनियों – सीमेंस और एल्सटॉम – ने भाग लिया.

दोनों कंपनियां इतने शक्तिशाली इंजनों को डिजाइन और तैयार करने में सक्षम हैं. तकनीकी मूल्यांकन में दोनों को समान रूप से उपयुक्त माना गया, लेकिन सीमेंस ने कम कीमत पर बोली लगाकर अनुबंध अपने नाम किया.

भारतीय रेलवे द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया में तकनीकी और वित्तीय विशेषज्ञों की एक टीम ने पूरी बोली का मूल्यांकन किया. यह प्रक्रिया रेलवे की पारंपरिक पारदर्शिता और पेशेवर मानकों के अनुरूप रही. सभी निर्णय बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के, नियमों के तहत लिए गए. वर्ष 2016 के बाद से रेल मंत्री निविदाओं को स्वीकृति नहीं देते – यह जिम्मेदारी रेलवे बोर्ड और क्षेत्रीय इकाइयों को सौंपी गई है.

‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करता 89% घरेलू निर्मा

इस परियोजना की एक और खास बात यह है कि दाहोद में बनने वाले इंजनों के लगभग 89% कलपुर्जे भारत में ही निर्मित होते हैं. यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूत आधार देने के साथ-साथ घरेलू विनिर्माण क्षमताओं की सफलता का प्रतीक भी है. लोकोमोटिव के जटिल और उन्नत घटकों का निर्माण देश के विभिन्न हिस्सों में किया जाता है और भारत आज उन गिने-चुने देशों में है जो इस स्तर की तकनीकी निर्माण क्षमता रखते हैं.

निविदा की शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया और अनुबंध भी निर्धारित नियमों के अनुरूप ही सीमेंस को सौंपा गया. यह भी उल्लेखनीय है कि भारतीय रेलवे अब ‘लाइफ साइकल कॉस्ट’ आधारित खरीद प्रणाली की ओर अग्रसर है, जिससे दीर्घकालिक विश्वसनीयता और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

दाहोद में तैयार किए जा रहे इन लोकोमोटिव का रखरखाव देश के चार प्रमुख डिपो – विशाखापत्तनम, रायपुर, खड़गपुर और पुणे – में किया जाएगा. इससे इंजन की कार्यक्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी.

ये भी पढ़ें: UP News: प्रयागराज के अनुराग शर्मा सहित भारतीय धावकों ने अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा दौड़ में रचाया इतिहास, तिरंगा लहराकर बढ़ाया गौरव

-भारत एक्सप्रेस 

कोमल शर्मा, वरिष्ठ संवाददाता

Recent Posts

कहीं कॉकरोच तो कहीं दिमागी नक्सल..! दिल्ली में रावण पुतले के साथ दिखेंगे ये नजारे

दिल्ली में दशहरा 2026 पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच…

1 minute ago

दिल्ली बनेगी साबरमती! बदलेगी यमुना की तकदीर, क्या है 9000 करोड़ का प्लान?

Delhi Yamuna Cleaning Plan: दिल्ली सरकार 9 हजार करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से साबरमती की…

10 minutes ago

रावण आज भी जिंदा? गरबा खेलने गई बच्ची से दरिंदगी, विरोध करने पर जड़ा थप्पड़; देखें VIDEO

Garba Molestation Case: नालासोपारा गरबा इवेंट के दौरान नाबालिग से छेड़छाड़ का वीडियो सोशल मीडिया…

10 minutes ago

प्रियंका गांधी के आवास पर हुई अहम बैठक में बनी रणनीति, अगले 3-4 दिनों में सपा को सौंपी जा सकती है संभावित सीटों की सूची

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी…

16 minutes ago

कद छोटा पर दिमाग बड़ा! साइकिल चलाने के लिए बच्चों ने किया गजब जुगाड़, वीडियो VIRAL

सोशल मीडिया पर दो बच्चों का बड़ी साइकिल चलाने का अनोखा देसी जुगाड़ वायरल हो…

35 minutes ago

Gold-Silver Price: ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच जानिए आज आपके शहर में क्या है सोना-चांदी का भाव?

Gold-Silver Price Today: दशहरे के दिन सोने और चांदी के बाजार में क्या रहे हाल?…

37 minutes ago