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दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ एमसीडी की बड़ी कार्रवाई, नेहरू विहार से लेकर सैनिक फार्म्स तक चला बुलडोजर

रिपोर्ट- तनु चौधरी


दिल्ली में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है. दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक बार फिर राजधानी के सभी 12 जोनों में बड़े स्तर पर प्रवर्तन कार्रवाई की. इस दौरान कुल 33 संपत्तियों पर डिमोलिशन यानी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाली 5 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि 29 मामलों में संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए.

एमसीडी के मुताबिक, यह कार्रवाई उन इमारतों और निर्माणों के खिलाफ की गई है, जो या तो खतरनाक स्थिति में हैं या फिर दिल्ली के मास्टर प्लान (एमपीडी) और बिल्डिंग बाय-लॉ का उल्लंघन कर रहे हैं. निगम का कहना है कि ऐसे मामलों में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.

कई इलाकों में चला बुलडोजर

अभियान के दौरान उत्तर दिल्ली के नेहरू विहार और गांधी विहार में खतरनाक इमारतों के खिलाफ खास तौर पर कार्रवाई की गई. नॉर्थ वेस्ट जोन में रोहिणी सेक्टर-3 भी कार्रवाई के दायरे में रहा. यहां तीसरी मंजिल की छत पर कमरे के ऊपर बनाए गए आरसीसी पैनल को तोड़ा गया. निर्माण को मजबूत करने के लिए लगाए गए रीइन्फोर्समेंट को गैस कटर की मदद से काटा गया. विजय विहार के अलावा रोहिणी सेक्टर-15 और 16 में भी निगम की टीमों ने कार्रवाई की.

दक्षिणी दिल्ली के सतबरी और सैनिक फार्म्स में भी प्रवर्तन अभियान चलाया गया. वहीं, नॉर्थ ईस्ट जोन में भजनपुरा, सोम बाजार, साउथ गामड़ी, ईस्ट रोहतास नगर और शाहदरा जैसे इलाकों में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई हुई.

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में द्वारका और ककरौला, जबकि पश्चिमी दिल्ली में तिहाड़ गांव, राजौरी गार्डन एक्सटेंशन और पश्चिम विहार में डिमोलिशन की कार्रवाई की गई. सेंट्रल जोन में जोगाबाई एक्सटेंशन और जामिया नगर भी निगम के अभियान का हिस्सा रहे.

एक दिन पहले भी हुई थी कार्रवाई

एमसीडी ने इससे पहले भी व्यापक अभियान चलाया था. उस कार्रवाई में मास्टर प्लान और बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन करने वाली 25 संपत्तियों को ढहाया गया था. इसके अलावा 4 संपत्तियों को सील किया गया था. यानी निगम लगातार दूसरे दिन भी बड़े स्तर पर कार्रवाई करता नजर आया.

दिल्ली में पीजी भवनों का भी सर्वे

अवैध निर्माण के साथ एमसीडी ने दिल्ली में चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों को लेकर भी व्यापक सर्वे शुरू किया है. निगम की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारतों की जानकारी जुटा रही हैं.

अब तक के फील्ड सर्वे में करीब 2,251 ऐसी इमारतों की पहचान हुई है, जहां पीजी सुविधाएं चल रही हैं. इन जगहों पर लगभग 47,000 लोग रह रहे हैं. एमसीडी अब सर्वे के दौरान जुटाई गई जानकारी को एक जगह इकट्ठा कर रही है. इसके बाद लागू नियमों और प्रावधानों के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें: आयुर्वेद को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई देने की पहल: AIIA और विश्व आयुर्वेद परिषद के बीच बड़ा समझौता

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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