11th Ayurveda Day Seminar: 11वें आयुर्वेद दिवस के मौके पर राजधानी नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) परिसर में एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के आयुर्वेद विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने पर मंथन किया.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. बनवारी लाल गौर मौजूद रहे. वहीं AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति, प्रो. मंजूषा राजगोपाल, प्रो. महेश व्यास और प्रो. वाई.सी. मिश्रा समेत आयुर्वेद क्षेत्र के कई दिग्गजों की गरिमामयी मौजूदगी रही.
AIIA और विश्व आयुर्वेद परिषद के बीच हुआ समझौता
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का सबसे बड़ा आकर्षण AIIA और विश्व आयुर्वेद परिषद के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होना रहा. इस समझौते के तहत दोनों संस्थान मिलकर आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार, उच्च स्तरीय रिसर्च, शैक्षणिक गतिविधियों और ज्ञान-साझा करने के क्षेत्र में एक साथ काम करेंगे. इससे आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने में बड़ी मदद मिलेगी.
ई-सोविनियर का विमोचन और छात्रों का शोध प्रदर्शन
समारोह के दौरान विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय सम्मेलन के ‘ई-सोविनियर’ का विमोचन भी किया गया. इसमें आयुर्वेद की प्राचीन परंपराओं, नए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बदलावों से जुड़े शोध पत्रों को संकलित किया गया है.
संगोष्ठी में आयुर्वेद के युवा छात्रों के लिए पेपर और पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता भी रखी गई. छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ अपने नए रिसर्च और इनोवेटिव विचारों को देश के वरिष्ठ विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत किया, जिसकी काफी सराहना हुई.
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-भारत एक्सप्रेस
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