साकेत कोर्ट.
Dowry Harassment Case: साकेत कोर्ट ने दहेज को लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मृतका के पति एवं ससुराल वालों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में बुरी तरह विफल रही है कि महिला ने दहेज प्रताड़ना के कारण आत्महत्या की है. न्यायधीश विपिन खरब ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी अरशद आलम और उसके माता-पिता को बरी कर दिया है.
अरशद आलम के खिलाफ दिल्ली के ओखला औधोगिक क्षेत्र पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 498A (पति या रिश्तेदार द्वारा विवाहिता के साथ क्रूरता करना), धारा 304B (दहेज हत्या) और धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अभियोजन पक्ष ने कहा था कि अरशद, उनके पिता खुर्शीद आलम और माँ शाहिदा खातून ने 26 जुलाई, 2023 को फराह नाज को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया.
अरशद और नाज की मार्च 2019 में शादी हुई थी. कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला यह है कि आरोपियों ने फराह नाज से कई मौकों पर एक कार, सोने की चेन, सोने की अंगूठी और पैसे की मांग की और इसके लिए उसे परेशान करते थे. लेकिन अभियोजन पक्ष यह दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं ला सका कि किस तारीख, महीने या साल में ऐसी मांग की गई थी और किस तरीके से मांग की गई थी.
-भारत एक्सप्रेस
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