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Delhi: कपूरथला में पंजाब CM भगवंत मान के घर तलाशी लेने पहुंची EC की टीम, ‘आप’ कार्यकर्ताओं में हड़कंप!

EC Raids Bhagwant Mann’s House: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कपूरथला स्थित आवास पर चुनाव आयोग की एक टीम आज दोपहर तलाशी लेने पहुंच गई. चुनाव आयोग की टीम के पहुंचने से आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और समर्थकों में हड़कंप मच गया, क्योंकि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जबकि दिल्‍ली में चुनाव होने वाले हैं.

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग की टीम ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर में दस्तावेजों और अन्य संबंधित सामग्री की तलाशी ली. इस छापे के दौरान कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि चुनाव आयोग ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव आयोग के इस कदम पर सवाल उठाए हैं और इसे पार्टी के खिलाफ राजनीतिक साजिश करार दिया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह छापा पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्य से किया गया है, क्योंकि भगवंत मान सरकार की ओर से कई विकास कार्यों की शुरुआत की गई है, जिससे विपक्ष को परेशानी हो रही है. उन्होंने चुनाव आयोग से इस कार्रवाई के पीछे के वास्तविक कारणों की जांच करने की अपील की.

चुनाव आयोग की टीम के अधिकारियों ने मीडिया से कोई टिप्पणी करने से बचते हुए केवल यह कहा कि यह कार्रवाई नियमों और प्रक्रिया के अनुसार की गई है. चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हो और सभी उम्मीदवार और उनके समर्थक कानून के दायरे में रहकर काम करें.

दिल्‍ली में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग की सक्रियता बढ़ गई है और राज्य में मतदान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. इस छापे के बाद दिल्‍ली के राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है और यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह छापा चुनावी धांधली के खिलाफ किसी बड़े प्रयास का हिस्सा है या फिर इसका उद्देश्य केवल किसी विशेष पार्टी को नुकसान पहुंचाना है.

यह घटनाक्रम दिल्‍ली के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में एक नई दिशा को जन्म दे सकता है, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है, और अब इस प्रकार की कार्रवाई से पार्टी के भीतर बेचैनी बढ़ गई है. वहीं, विपक्षी दलों ने इस घटनाक्रम को चुनावी माहौल में एक बड़ा बदलाव मानते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है और दावा किया है कि चुनाव आयोग को अपनी स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने की जरूरत है.

वर्तमान स्थिति में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस छापे के बाद राजनीतिक दबाव और मीडिया के प्रतिक्रियाओं का क्या असर होगा और आगामी चुनावों में इसका क्या परिणाम निकल सकता है.

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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