देश

ED का बड़ा एक्शन: प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी ग्रुप के 35 ठिकानों पर मारा छापा, 3000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल अंबानी (Anil Ambani) ग्रुप (RAAGA कंपनियों) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) की जांच शुरू की है. ईडी ने गुरुवार (24 जुलाई) को अनिल अंबानी ग्रुप के मुंबई स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की.  यह कार्रवाई सीबीआई की दो FIR दर्ज होने के बाद शुरू हुई है. ईडी को इस मामले में नेशनल हाउसिंग बैंक, SEBI, NFRA (नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी बड़ी संस्थाओं से भी अहम जानकारी मिली है.

टीम अनिल अंबानी पर कसा शिकंजा

1. संजय डांगी
2. सतीश सेठ
3. अमिताभ झुनझुनवाला
4. अमित डांगी
5. पुनीत गर्ग
6. छाया विरानी
7. आकाश सूरी
8. जितेंद्र सांघवी
9. अमित बपना
10. पिंकेश शाह
11. रविंद्र सुधाकर
12. अनुराग शर्मा
13. हसीत शुक्ला
14. कमलकांत गुप्ता
15. वरुण अग्रवाल
16. अमरीश शाह
17. संदीप खोसला यशपाल
18. प्रदीप श्रॉफ


Anil Ambani ग्रुप पर आरोप

ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत बैंकों, निवेशकों, शेयरहोल्डर्स और आम जनता के पैसे की हेराफेरी की गई. इसमें यस बैंक के प्रमोटर समेत कई बैंक अधिकारियों को घूस देने का भी शक है.

जांच में पता चला है कि साल 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से करीब 3000 करोड़ रुपये के लोन गलत तरीके से दिए और दूसरी कंपनियों में घुमा दिए गए. खास बात ये है कि लोन पास होने से ठीक पहले, यस बैंक के प्रमोटर से जुड़ी कंपनियों को बड़ी रकम भेजी गई थी. ईडी अब इस पूरे लेनदेन को “लोन के बदले रिश्वत” के एंगल से भी जांच रही है. ईडी ने पाया है कि यस बैंक ने लोन पास करते वक्त अपने ही नियमों का उल्लंघन किया, जिसमें-

लोन से जुड़े दस्तावेज (CAMs) पीछे की तारीख में बनाए गए,
बिना किसी जांच-पड़ताल के कंपनियों में पैसा निवेश किया गया,
जिन कंपनियों को लोन दिया गया, उनकी आर्थिक हालत कमजोर थी,
सभी कंपनियों का पता और डायरेक्टर एक जैसे थे,
लोन पास करने और पैसे भेजने की तारीख एक ही थी,
कई लोन मंजूरी से पहले ही भेज दिए गए थे.

इसके अलावा ईडी को शक है कि लोन की रकम अनिल अंबानी (Anil Ambani) ग्रुप की दूसरी कंपनियों और शेल कंपनियों में घुमा दी गई. कुछ मामलों में एवरग्रीनिंग भी हुई. यानी पुराने लोन को नए लोन से दिखाकर हेराफेरी की गई.

यह भी पढ़ें- न्यूजक्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

नियमों की अनदेखी का आरोप

SEBI ने RHFL (Reliance Home Finance Ltd) से जुड़ी रिपोर्ट भी ईडी को सौंपी है. इसमें देखा गया कि RHFL ने कॉर्पोरेट लोन को एक साल में 3,742 करोड़ से बढ़ाकर 8,670 करोड़ रुपये कर दिया, जो काफी संदेहास्पद है. इसमें कई नियमों की अनदेखी और प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई. ईडी ने इस मामले में आज देशभर के 35 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें 50 कंपनियों और 25 से ज्यादा लोगों के नाम सामने आए हैं. ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 17 के तहत की गई है.

इनपुट- अभिषेक, मुंबई

Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

Recent Posts

AISA अध्यक्ष Neha Bora की याचिका HC में खारिज, शांति बनाए रखने के मुचलके पर था विवाद

दिल्ली हाई कोर्ट ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की उस याचिका को खारिज कर दिया…

39 minutes ago

सौरभ गांगुली के पर्सनालिटी राइट्स मामले में नया मोड़: दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म ‘दूसरा’ के मेकर्स को भेजा नोटिस

दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर सौरभ गांगुली के पर्सनालिटी राइट्स मामले में फिल्म 'दूसरा'…

1 hour ago

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ कोर्ट में खिंचा मामला, राऊज एवेन्यु कोर्ट जल्द करेगा सुनवाई

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका पर राऊज…

1 hour ago

सीएमडी उपेन्द्र राय की पहल से दोस्तोवस्की की रचना पर हिंदी नाटक का रूस में हुआ मंचन, IAC ने भेजा आभार संदेश

कला और साहित्य के माध्यम से भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा…

2 hours ago

समुद्री व्यापार में बढ़ता दबदबा: देश के 45% से अधिक कंटेनर कार्गो पर APSEZ का रुतबा, मुंद्रा के विस्तार के साथ उठे सवालों के जवाब

गुजरात के कच्छ में स्थित मुंद्रा पोर्ट भारत के समुद्री व्यापार की रीढ़ बन चुका…

2 hours ago