गुलाम नबी आजाद
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने शनिवार को कहा कि लोगों को महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं की चिंता इस बात से ज्यादा है कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति करेंगी या प्रधानमंत्री. हालांकि उन्होंने व्यस्तता के कारण नए संसद के उद्धाटन में शामिल होने में असमर्थता जताई. वहीं गुलाम नबी आजाद ने विपक्ष पर नए संसद भवन के मुद्दे को बेवजह तूल देने का आरोप लगाया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं और कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित करीब 19 विपक्षी दलों ने समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा की है. विपक्षी दलों का तर्क है कि संसद के नये भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए क्योंकि वह गणराज्य की प्रमुख हैं.
गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘‘मैं विपक्ष के इस फैसले पर हैरान हूं क्योंकि ऐसे सैकड़ों मुद्दे हैं जो जनता से जुड़े हुए हैं. लेकिन, वे ऐसे मुद्दे नहीं उठाते और जो उठा रहे हैं उसका लोगों से कोई लेना-देना नहीं है. ’’ डीपीएपी के प्रमुख ने कहा कि लोगों को इस बात की बेहद कम चिंता है कि नए संसद भवन का उद्घाटन कौन करने जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति करें या प्रधानमंत्री, इससे लोगों को क्या फर्क पड़ेगा.’’ पिछले साल कांग्रेस छोड़कर खुद की पार्टी बनाने वाले गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्षी नेताओं को उनका सुझाव है कि वे ऐसे मुद्दे न उठाएं जो उनके व्यक्तित्व को प्रभावित करते हों.
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को आपके व्यक्तित्व में कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि वे अपनी समस्याओं जैसे महंगाई और बेरोजगारी के बारे में अधिक चिंतित हैं. विपक्ष ऐसे मुद्दों पर हड़ताल या बहिष्कार नहीं करता है.’’ आजाद ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन की नींव रखी थी और यदि उन्होंने इसका उद्घाटन किया, तो हमें इससे क्या लेना-देना. विपक्ष के बजाय राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को इस पर फैसला करना है.’’
आजाद ने इसे मुद्दा बनाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि राज्यपालों के बजाय मुख्यमंत्री राज्यों में कई चीजों का उद्घाटन कर रहे हैं. नए संसद भवन के निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करते हुए आजाद ने कहा कि यह समय की मांग है और वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि विपक्ष इस पर इतना शोर क्यों मचा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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