देश

तिजोरी पर ताला या देशप्रेम! पीएम मोदी ने देशवासियों से मांगा एक साल का ‘त्याग’, जानें आखिर क्यों प्रधानमंत्री ने की ये गुहार?

पश्चिम एशिया में मचे घमासान और आर्थिक संकट ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक ऐसी अपील की है, जिसकी चर्चा गली-मोहल्लों से लेकर देश के सबसे बड़े सर्राफा बाजारों तक हो रही है. पीएम मोदी ने लोगों से आग्रह किया है कि देशहित में अगले एक साल तक सोना (Gold) खरीदने से बचें और पेट्रोल-डीजल की बचत करें.

आखिर क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

रविवार (10 मई, 2026) को हैदराबाद की एक जनसभा में पीएम ने कहा कि ‘देशभक्ति सिर्फ सीमा पर जाकर लड़ना नहीं है, बल्कि मुश्किल वक्त में आर्थिक मोर्चे पर देश का साथ देना भी है.’ दरअसल, भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. वहीं, सोने के आयात के मामले में भी हम दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं.

जब हम अरबों डॉलर का तेल और सोना बाहर से मंगाते हैं, तो हमारा विदेशी मुद्रा भंडार खाली होता है और रुपये की कीमत गिरने लगती है. मौजूदा युद्ध के हालातों ने कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है. ऐसे में पीएम चाहते हैं कि लोग फिर से कोरोना काल वाली ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘ऑनलाइन मीटिंग’ की संस्कृति अपनाएं ताकि आवाजाही कम हो और पेट्रोल की खपत घटे.

चांदनी चौक से जयपुर तक… बाजार में मची हलचल

पीएम की इस ‘गोल्ड अपील’ ने सर्राफा व्यापारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक बाजार में व्यापारियों के बीच बस इसी बात का शोर है. व्यापारियों का कहना है कि सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि भावनाओं और परंपराओं से जुड़ा है.

जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि,

‘देशहित की बात अपनी जगह सही है, लेकिन शादी-ब्याह के इस सीजन में अगर लोग खरीदारी बंद कर देंगे, तो उन लाखों कारीगरों और छोटे व्यापारियों का क्या होगा जिनका घर इसी काम से चलता है?’

व्यापारियों का सुझाव है कि सरकार को आम जनता के बजाय उन बड़े निवेशकों को टोकना चाहिए जो भारी मात्रा में ‘डेड मनी’ के तौर पर सोना जमा कर लेते हैं.

क्या कहते हैं आम खरीदार?

लखनऊ और प्रयागराज के बाजारों में जब ‘भारत एक्सप्रेस’ की टीम ने लोगों से बात की, तो सबकी राय सामने आई. एक महिला खरीदार ने कहा,

‘भैया, कीमतें वैसे ही इतनी बढ़ गई हैं कि अब सोना खरीदना आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है. अब तो हम बजट देखकर ही बस जरूरी ज्वेलरी ले रहे हैं.’

वहीं, कुछ युवाओं का मानना है कि अगर एक साल सोना न खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो यह त्याग ज्यादा बड़ा नहीं है. लोगों का कहना है कि सरकार को डिजिटल गोल्ड या गोल्ड बॉन्ड्स जैसे विकल्पों को और आकर्षक बनाना चाहिए ताकि निवेश भी बना रहे और फिजिकल गोल्ड का आयात भी ना करना पड़े.

अब आने वाले महीनों में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है. भारतीय शादियां बिना सोने के अधूरी मानी जाती हैं. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी की इस भावुक और आर्थिक अपील का जनता पर कितना असर पड़ता है.

यह भी पढ़ें: बैकफुट पर जैकलीन फर्नांडिस! सरकारी गवाह बनने की अर्जी ली वापस, ED के कड़े रुख के आगे झुकीं एक्ट्रेस

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

‘₹500 दो वरना गोली मार देंगे…’: इटावा में रंगदारी न मिलने पर दबंगों ने चलाईं गोलियां, 2 घायल

इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…

2 hours ago

दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा, मुंबई और पुणे से गोरखपुर के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…

3 hours ago

अमेरिका का बड़ा फैसला! Infosys-TCS समेत 8 दिग्गज कंपनियां PERM प्रोग्राम से सस्पेंड, H-1B वर्कर्स पर असर संभव

PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…

3 hours ago

UP फतह के लिए BJP-RSS का मास्टरस्ट्रोक, 80 हजार बैठकों के पीछे क्या है प्लान?

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…

3 hours ago

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो का बड़ा विजन, AI से बदलेगी वॉयस-डेटा सर्विस; 6G में दुनिया को लीड करने का दावा

India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…

3 hours ago

रांची में चौक के नाम पर सियासी बवाल, BJP ने बदला नाम तो कांग्रेस ने रातों-रात उखाड़ा बोर्ड

रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…

4 hours ago