एक्ट्रेस जैकलीन फर्नींडिस (फोटो)
सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के ठगी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज ने ईडी के विरोध के बाद अपनी याचिका को वापस ले लिया है. दायर अर्जी में जैकलीन ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की मांग की थी.
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि फर्नाडीज ने जांच के दौरान सहयोग नहीं किया. साथ ही ईडी ने कहा था कि जैकलीन का आचरण संतोषजनक नहीं था. जैकलीन ने पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज अपने बयानों में बार-बार पूरी और सच्ची जानकारी देने में विफल रहीं. ईडी ने यह भी कहा था कि सुकेश के आपराधिक इतिहास को जानते हुए भी जैकलीन ने उससे नियमित और निरंतर संपर्क बनाए रखा और उन्हें प्राप्त सभी लाभ, उपहार और सामान अपराध की आय से प्राप्त किए गए थे. जैकलीन ने सरकारी गवाह बनने की मांग की थी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका खारिज किया
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने जैकलीन फर्नांडिस की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उनके खिलाफ दायर एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की गई थी. याचिका में कहा गया था कि ईडी द्वारा दायर किए गए सबूत साबित करेंगे कि वह सुकेश चंद्रशेखर से पीड़ित है. जैकलीन फर्नांडिस ने दावा किया था कि गलत तरीके से कमाए गए ब्लैक मनी को व्हाइट करने में उन्होंने कोई भूमिका अदा नही की है. फर्नांडिस पर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये की कथित जबरन वसूली से लाभ पाने का आरोप है.
बता दें कि अक्टूबर 2019 में शिविंदर सिंह को रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड में धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. सुकेश चंद्रशेखर ने कथित तौर पर खुद को केंद्र सरकार का अधिकारी बताकर अदिति सिंह को शिविंदर सिंह को जमानत दिलाने का वादा के बाद पैसे का भुगतान करने के लिए राजी कर लिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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