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15वीं से 10वीं मंजिल पर जा गिरी लिफ्ट! ग्रेटर नोएडा के हादसे ने खोली बिल्डर्स की पोल; फ्लैट करोड़ों के तो सुरक्षा कौड़ियों की क्यों?

Greater Noida lift free fall accident: देश में विकास के नाम पर बिल्डर्स लोगों की जान की परवाह किये बिना ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी कर दे रहे हैं. कोई दूर-दराज का गाँव नहीं, बल्कि दिल्ली एनसीआर की चकाचौंध वाली सड़कों के किनारे ये गड्ढे हर रोज किसी न किसी की जान ले रहे हैं. नोएडा में इंजीनियर युवराज, दिल्ली में बैंककर्मी कमल भी ऐसे ही खोखले सिस्टम का शिकार बन चुके हैं. अब मामला सुपरटेक इको विलेज 1 सोसायटी के टावर G-5 में घटित घटना का है. दरअसल टॉवर में लगी लिफ्ट 15वीं मंजिल से फ्री फॉल होकर 10वीं मंजिल पर तेज झटके के साथ जा गिरी. जिसके चलते लिफ्ट में सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. डॉक्टरों ने जांच में बताया कि उनके पैर की हड्डी तीन जगह से फ्रैक्चर हुई है. फिलहाल महिला का इलाज जारी है. हादसे के बाद सोसायटी में अफरातफरी मच गई और लोग घबराकर टावर के बाहर इकट्ठा हो गए.

जानिए कैसे हुई घटना?

सुपरटेक इको विलेज 1 सोसायटी की रहने वाली महिला टावर G-5 में अपने परिचित से मिलने गई थीं. जैसे ही लिफ्ट में सवार हुईं, गेट बंद होते ही अचानक झटका लगा और लिफ्ट तेजी से नीचे गिरने लगी. कुछ ही सेकंड में वह झटके से 10वीं मंजिल पर आकर रुकी. तेज झटके की वजह से महिला संतुलन नहीं बना सकीं और लिफ्ट के अंदर ही बुरी तरह गिर पड़ीं. चीख-पुकार सुनकर लोग लिफ्ट की तरफ दौड़े और लिफ्ट को मैन्युअली खोला गया. जिसके बाद महिला को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया.

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सोसायटी में मेंटेनेंस पर उठे सवाल

सोसायटी के निवासियों ने बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि हर महीने समय पर मेंटेनेंस शुल्क वसूला जाता है, लेकिन लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव में लापरवाही बरती जाती है. अगर लिफ्ट कुछ और मंजिल नीचे गिरती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था. लोगों की चिंता बढ़ गई है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर सोसायटी में रहना अब खतरनाक हो गया है.

बिल्डर पर लगे गंभीर आरोप

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हाईराइज सोसायटियों में लिफ्ट हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. आए दिन लिफ्ट अटकने या फ्री फॉल के मामले सामने आते रहते हैं. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि लिफ्ट एक्ट कानून भी है, लेकिन इसके बावजूद हादसे आम होते जा रहे हैं. निवासियों ने मांग की है कि सभी लिफ्टों का तुरंत तकनीकी ऑडिट कराया जाए और दोषी पाए जाने पर बिल्डर व मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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