देश

कपिल चुग GST घोटाले का ‘इनसाइड ट्रैक’: जानिए कैसे नकली बिलों की ‘कागजी फैक्ट्री’ से लूटे जाते हैं हजारों करोड़?

कपिल चुग मामले (Kapil Chugh Case) में 1825 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड घोटाला! सुनने में यह सिर्फ एक बड़ा आंकड़ा लगता है, लेकिन इसके पीछे ‘कागजी हेरफेर’ का एक ऐसा शातिर दिमाग काम करता है जो बिना एक रुपये का व्यापार किए सरकार की तिजोरी खाली कर देता है. हाल ही में गिरफ्तार हुए महाठग कपिल चुग ने जांच एजेंसियों के सामने जो राज खोले हैं, वे चौंकाने वाले हैं. आइए 5 पॉइंट में समझते हैं कि आखिर यह ‘नकली बिलिंग का खेल’ काम कैसे करता है:

1. डमी कंपनियां: ‘किराये’ पर खरीदे जाते हैं नाम

दरअसल इस तरीके के घोटाले (Kapil Chugh Case) की पहली ईंट होती है डमी कंपनियां. शातिर ठग गरीब मजदूरों, छोटे कर्मचारियों या बेरोजगारों को चंद हजार रुपयों का लालच देकर उनके आधार और पैन कार्ड (KYC) हासिल कर लेते हैं. इन दस्तावेजों के आधार पर दर्जनों फर्जी कंपनियां रजिस्टर की जाती हैं. जमीन पर इन कंपनियों का कोई अस्तित्व नहीं होता, न ही कोई ऑफिस या गोदाम.

2. लेयरिंग (Layering): बिलों का चक्रव्यूह

ठगों का असली खेल ‘बिल’ घुमाने में होता है.

स्टेप A: कंपनी ‘X’ एक नकली बिल बनाती है कि उसने करोड़ों का माल कंपनी ‘Y’ को बेचा.

स्टेप B: कंपनी ‘Y’ वही बिल कंपनी ‘Z’ को फॉरवर्ड कर देती है.

बता दें कि असल में कोई माल (Goods) कहीं नहीं जाता, सिर्फ कागजों पर ‘इनवॉइस’ घूमता रहता है. इसे ‘सर्कुलर ट्रेडिंग’ कहते हैं. इसका मकसद एक लंबा और जटिल ‘पेपर ट्रेल’ बनाना होता है ताकि टैक्स अधिकारी असली स्रोत तक न पहुंच सकें.

3. ITC का फर्जी खजाना (Input Tax Credit)

GST व्यवस्था में, अगर आप माल खरीदते हैं तो उस पर चुकाए गए टैक्स का आपको ‘क्रेडिट’ मिलता है. ठग इसी नियम का फायदा उठाते हैं. वे नकली खरीद बिल दिखाकर सरकार के सिस्टम में भारी-भरकम इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) जमा कर लेते हैं. कपिल चुग ने तंबाकू के फर्जी बिल बनाए, क्योंकि तंबाकू पर टैक्स की दरें बहुत ऊंची होती हैं, जिससे उसे बड़ा ITC हासिल करने में मदद मिली.

4. जीरो-रेटेड एक्सपोर्ट: ‘कचरे’ को ‘सोना’ बनाना

घोटाले का सबसे बड़ा हिस्सा यहीं होता है. GST नियमों के तहत, यदि आप माल का निर्यात (Export) करते हैं, तो आपको चुकाए गए पूरे टैक्स का रिफंड मिलता है.

चुग ने बाजार से बिना बिल वाला ‘घटिया कचरा तंबाकू’ खरीदा.

कागजों पर उसे ‘प्रीमियम क्वालिटी का जर्दा’ दिखाया गया.

फर्जी बिलों के जरिए दिखाए गए ऊंचे दाम और जमा हुए ITC के आधार पर सरकार से ₹1825 करोड़ का नकद रिफंड क्लेम कर लिया गया. माल तो कचरा था, लेकिन सरकार से मिला पैसा असली.

5. बैंकिंग और ई-वे बिल की बाजीगरी

सरकारी सिस्टम की आंखों में धूल झोंकने के लिए ये लोग फर्जी ई-वे बिल जेनरेट करते हैं. जांच में पता चला कि कई बार एक ही ट्रक नंबर का इस्तेमाल सैकड़ों बिलों में दिखाया गया. बैंक खातों में भी पैसा सिर्फ एक कंपनी से दूसरी कंपनी में घूमता था और फिर ‘कैश’ निकाल लिया जाता था.

यह भी पढ़ें: कौन है 1,825 करोड़ रुपये GST घोटाले का मास्टरमाइंड कपिल चुग? DGGI ने गिरफ्तारी के लिए रचा खास जाल

क्यों मुश्किल है इसे पकड़ना?

चूंकि सारा डेटा डिजिटल है और ये सिंडिकेट एक साथ सैकड़ों कंपनियों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इन्हें तुरंत पकड़ना मुश्किल होता है. कपिल चुग ने तो इस फर्जी टर्नओवर का इस्तेमाल यस बैंक से कर्ज लेने और अपनी कंपनी का शेयर बाजार में वैल्यूएशन बढ़ाने के लिए भी किया.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

PM मोदी के जन्मदिन से पहले भाजपा ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया, रैली में कवर होंगे 1,159 गांव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक सेवा काल को पूरा करने के अवसर…

4 hours ago

संजू-अभिषेक का तूफानी गदर: भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, सीरीज पर 2-0 से जमाया कब्जा

India Vs Afghanistan T20: भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में…

4 hours ago

समुद्र में फ्लेयर्स, हवा में घुसा ड्रोन! रूस की खतरनाक हरकतों पर अलर्ट मोड में NATO और यूरोपीय संघ

Russia Europe Tensions: रूस की ओर से यूरोप में लगातार हो रही 'उकसावे की कार्रवाइयों'…

4 hours ago

‘टक्कर इतनी तेज कि हवा में उछला युवक…’ ग्रेटर नोएडा के मूर्ति चौक पर हुआ दर्दनाक हादसा

ग्रेटर नोएडा के मूर्ति चौक पर तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे युवक…

5 hours ago

बिहार पुलिस महकमे में क्या पक रहा है? दो शीर्ष अधिकारियों के अचानक छुट्टी पर जाने से मचा हड़कंप

BPSSC Chairman Leave: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व…

6 hours ago