Gwalior Fort Ropeway/Manoj Choubey: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर में ‘रोप-वे’ का सपना पिछले चार दशकों से फाइलों और चुनावी वादों में कैद है. 40 साल से शहरवासी इस उम्मीद में हैं कि वे जल्द ही उड़नखटोले में बैठकर ग्वालियर के भव्य किले का दीदार करेंगे, लेकिन हर बार उनके हाथ सिर्फ निराशा ही लगी है. हालांकि, अब इस प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट में एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसने एक बार फिर विकास की नई उम्मीद जगाई है.
ग्वालियर का किला दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, लेकिन ऊंचाई पर स्थित होने के कारण बुजुर्गों और पर्यटकों को ऊपर तक पहुंचने में काफी कठिनाई होती है. इसी समस्या के समाधान के लिए जनसंघ के जमाने से ही रोपवे की मांग की जा रही है. 127 करोड़ की लागत वाले इस ड्रीम प्रोजेक्ट की लंबाई लगभग 1.88 किलोमीटर प्रस्तावित है. सितंबर 2022 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इसे जल्द पूरा करने की घोषणा की थी, लेकिन धरातल पर अब तक एक ईंट भी नहीं रखी जा सकी है.
इस देरी के पीछे सबसे बड़ा कारण ‘अपर टर्मिनल’ (किले के ऊपर का स्टेशन) के लिए जगह का क्लीयरेंस न मिलना रहा है. पहले यह टर्मिनल किले पर सिंधिया स्कूल के समीप बनना प्रस्तावित था. राजनीति के गलियारों में यह चर्चा आम रही है कि सिंधिया परिवार की आपत्तियों के कारण यह प्रोजेक्ट अटका रहा. आरोप लगते रहे हैं कि स्कूल के पास रोपवे स्टेशन सुरक्षा या निजता के कारणों से उन्हें स्वीकार्य नहीं था.
इन विवादों को खत्म करने के लिए अब रोपवे के एलाइनमेंट में बदलाव किया गया है:
अपर टर्मिनल: अब यह सिंधिया स्कूल के बजाय लोक निर्माण विभाग (PWD) की चौकी के पास खाली जमीन पर बनेगा.
लोअर टर्मिनल: स्थान बदलने के कारण अब निचला स्टेशन भी फूलबाग बारादरी के बजाय पास ही स्थित दूसरी खाली जमीन पर शिफ्ट किया गया है.
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ताजा घटनाक्रम के अनुसार, अब इस प्रोजेक्ट को नगर निगम द्वारा तैयार करने की योजना है. प्रशासन को भूमि आवंटन के लिए आवेदन भेज दिया गया है. पहले जमीन विवाद के कारण टेंडर निरस्त कर दिए गए थे, लेकिन अब नई जगह के चयन से उम्मीद है कि एनओसी (NOC) मिलने की प्रक्रिया तेज होगी और दो साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
ग्वालियर किले पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं. रोपवे न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा. 1.88 किलोमीटर का यह सफर न केवल सुगम होगा, बल्कि पर्यटकों को ऊपर से पूरे ग्वालियर शहर का विहंगम दृश्य भी देखने को मिलेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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