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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भरा नामांकन, सातवीं बार चुनावी मैदान में उतरे मुख्यमंत्री

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आज (शुक्रवार) को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. यह उनके राजनीतिक करियर का सातवां चुनाव है. इस बार उन्होंने जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से अपने नामांकन पत्र भरते हुए जनता का समर्थन मांगने का काम शुरू कर दिया.

नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक सफर की यादें साझा कीं. उन्होंने बताया कि उन्होंने पहला चुनाव तो हारा था, लेकिन उसके बाद लगातार पांच बार जीत हासिल की. उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी उनके क्षेत्र की जनता उन्हें पूरी तरह समर्थन देगी.

विपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा उनके बारे में दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस उन्हें एक संस्था मानती है, तो यह उनके लिए गर्व की बात है. सरमा ने कहा,

“अगर किसी ने मुझे संस्था का दर्जा दे दिया है, तो इससे खुश होना चाहिए, विवाद नहीं करना.”

संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर जोर

शुक्रवार सुबह ही मुख्यमंत्री ने असम की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उनका कहना है कि ये परंपराएं सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी हैं, किसी दान की नहीं.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हमारी संस्कृति कोई नारा नहीं, बल्कि हमारे त्योहार, हमारी प्रार्थनाएं और हमारे लोग हैं. हमें उन समुदायों के साथ खड़ा होना चाहिए जो इन परंपराओं को जीवित रख रहे हैं.”

सरमा ने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों को आर्थिक मदद भी दे रही है. इसके तहत हर रास समिति को 25,000 रुपए की मदद मिल रही है ताकि रास उत्सव का आयोजन और भी बेहतर तरीके से किया जा सके. रास असम की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का अहम हिस्सा है. इसके अलावा, असम में 8,000 से ज्यादा पूजा समितियों को 10,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है. इसके साथ ही 620 उदासीन भक्तों को हर महीने 1,500 रुपए की मदद भी दी जा रही है, ताकि वे अपने आध्यात्मिक कार्यों और परंपराओं को जारी रख सकें.

मुख्यमंत्री का यह कहना है कि केवल सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण ही नहीं, बल्कि उनका जीवंत बनाना भी सरकार की जिम्मेदारी है. सरमा ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद इन परंपराओं को समाज के हर हिस्से तक पहुँचाना और उन्हें मजबूत बनाना है.

ये भी पढ़ें: बिहार में नई सरकार का फॉर्मूला तय: नीतीश के बाद CM कौन? JDU के दो डिप्टी CM और भाजपा को गृह विभाग

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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