देश

गृहमंत्री अमित शाह ने पुनौरा धाम में किया मां जानकी के भव्य मंदिर का भूमि पूजन, बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी रहे मौजूद

Amit Shah: बिहार में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है. चुनावी सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं. सत्तापक्ष और विपक्ष के द्वारा खेले जा रहे शह-मात के खेल में अब देश के गृहमंत्री अमित शाह की एंट्री हो चुकी है. शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुनौरा धाम में गृहमंत्री अमित शाह ने मां सीता को समर्पित भव्य माता जानकी मंदिर के निर्माण को लेकर आधारशिला रखी. इस दौरान उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे. वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच उन्होंने पुनौरा धाम में भूमि पूजन कर माता का आशीर्वाद लिया.

अयोध्या में निर्मित भगवान श्रीराम मंदिर की तर्ज पर 67 एकड़ में इस मंदिर परिसर का निर्माण किया जा रहा है. इस मंदिर को बनाने में 882.87 करोड़ रुपये खर्च आएगा. मंदिर की ऊंचाई 151 फीट होगी, जो 2028 में बनकर तैयार हो जाएगी. बताया गया है कि इस भूमिपूजन के लिए देश के 21 तीर्थस्थलों की मिट्टी और 31 नदियों का जल मंगवाया गया. तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर यहां भी 50 हजार लड्डू पैकेट तैयार किये गए.

बिहार सरकार के मंत्री और केंद्रीय मंत्री भी रहे मौजूद

शिलान्यास समारोह में बिहार सरकार के मंत्री, केंद्रीय मंत्री, साधु-संत, और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे. इस आयोजन के दौरान वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक रहा. राज्य सरकार और पर्यटन विभाग इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में युद्धस्तर पर जुटे हैं.

पुनौरा धाम है माता सीता की जन्मस्थली

उल्लेखनीय है कि पुनौरा धाम को माता सीता की जन्मस्थली माना जाता है. यह मंदिर भविष्य में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुनौरा धाम के पूर्ण रूप से तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होने से बिहार में धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे. अयोध्या के राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुरूप सीतामढ़ी में मां सीता की जन्मस्थली, पुनौरा धाम के समग्र विकास की योजनाएं 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें- हम जिएंगे स्वदेशी के लिए और मरेंगे देश के लिए : सीएम योगी

सीता मंदिर के आसपास का क्षेत्र हो रहा विकसित

सीता मंदिर और उसके आसपास लगभग 67 एकड़ भूमि में यह तीर्थ क्षेत्र विकसित हो रहा है. रामायण सर्किट के साथ ही केंद्र सरकार ‘हिंदू सर्किट’ योजना के तहत बाबा अजगैबीनाथ, सिंहेश्वर, उग्रतारा, चंडीस्थान, त्रिवेणी, मतिहानी, सुलेश्वर इत्यादि 14 प्रमुख मंदिरों को भी धार्मिक पर्यटन के विकास में शामिल कर रही है.

इसके अलावा बोधगया, देवघर, गया, वैशाली जैसे बौद्ध और जैन स्थलों का भी विकास किया जा रहा है. इन सभी तीर्थों, मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों के विकास से होटल, रेस्त्रां, ट्रांसपोर्ट, गाइडिंग, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार, और अन्य छोटी-बड़ी सेवाओं में रोजगार के हजारों नए मौके बनेंगे. हजारों स्थानीय युवाओं, महिलाओं और छोटे कारोबारियों के लिए यह जीवन में नया अवसर होगा.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

Recent Posts

Dhanteras Special: धन का धर्म और मर्म- धन्वन्तरि, लक्ष्मी-नारायण और कुबेर की कथाओं से समझें क्या है असली समृद्धि

Dhanteras 2026: धन का धर्म और मर्म. धनतेरस पर भगवान धन्वन्तरि, श्री लक्ष्मी-विष्णु और कुबेर…

15 minutes ago

Dhanteras 2026: धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं नई चीजें? जानें खरीदारी का मुहूर्त और ‘यम दीप’ की मान्यता

Dhanteras kab hai: धनतेरस न केवल भौतिक वस्तुओं की खरीदारी का, बल्कि आरोग्य और सुरक्षा…

2 hours ago

बिहार में एनडीए सरकार का एक वर्ष: 21 नवंबर को वैशाली के दौरे पर आ सकते हैं पीएम मोदी, बड़े उत्सव की तैयारी

20 नवंबर को बिहार में एनडीए सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा…

8 hours ago