केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. आदिश सी. अग्रवाला द्वारा लिखित पुस्तक “मोदी की नीति शास्त्र: द वर्ल्ड्स हिज़ ऑयस्टर” के प्रकाशन को अत्यंत आनंद का विषय बताया है. यह अवसर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के 11 वर्षों की उपलब्धियों के बीच आया है.
अमित शाह ने इस पुस्तक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में हुई कानूनी क्रांति की गहन समीक्षा बताया और कहा कि यह पुस्तक विधायी सुधारों की एक समग्र झलक प्रस्तुत करती है, जिन्होंने देश की न्याय प्रणाली और शासन ढांचे को नया स्वरूप दिया है.
यह पुस्तक बताती है कि कैसे मोदी सरकार के कार्यकाल में बनाए गए नए कानूनों ने न्यायिक जवाबदेही को मज़बूत किया है, जिससे कानूनी व्यवस्था अधिक उत्तरदायी और समाजोपयोगी बनी है.
1. भारत – वैश्विक विधिक पथप्रदर्शक
मोदी के नेतृत्व में भारत ने पर्यावरणीय सततता, डिजिटल अवसंरचना और फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) जैसे क्षेत्रों में अग्रणी कानून बनाए हैं. आधार आधारित पहचान प्रणाली, डिजिटल भुगतान और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन ने वैश्विक सराहना प्राप्त की है.
2. औपनिवेशिक जंजीरों से मुक्ति
ब्रिटिश काल के अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर भारत की वर्तमान ज़रूरतों के अनुरूप नए कानून बनाए गए हैं. अनुच्छेद 370 की समाप्ति को इस दिशा में ऐतिहासिक कदम के रूप में रेखांकित किया गया है, जिसने जम्मू-कश्मीर को भारत की मुख्यधारा से पूर्ण रूप से जोड़ा.
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3. न्यूनतम सरकार, अधिकतम शास
हज़ारों पुराने और अनुपयोगी कानूनों को हटाकर नौकरशाही बोझ को कम किया गया है. छोटे-मोटे अपराधों के अपराधीकरण को समाप्त कर नागरिकों और व्यापारियों के लिए आसान और नागरिक-हितैषी प्रणाली लागू की गई है.
4. गतिशील और लोकतांत्रिक विधिक आधार
मोदी सरकार की कानूनी नीतियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और पहुंच पर बल दिया गया है. सब्सिडी की डिजिटल ट्रैकिंग, बायोमैट्रिक सत्यापन और सक्रिय सामाजिक कल्याण योजनाओं से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाते हुए संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित किया गया है.
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की शासन दृष्टि नागरिक कल्याण के साथ भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के पुनरुत्थान को भी समान रूप से महत्व देती है. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्र निर्माण की भावना को मज़बूत करने वाला एक अमूल्य संसाधन सिद्ध होगी.
कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पुस्तक की भूमिका (Foreword) में इसे मोदी सरकार की शासन यात्रा का गहन और सटीक दस्तावेज़ बताया. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक एक उत्तरदायी और आधुनिक न्याय प्रणाली की दिशा में भारत की प्रगति को प्रभावी ढंग से चित्रित करती है.
डॉ. आदिश सी. अग्रवाला, जो ऑल इंडिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को विधिक सुधारों में उनके योगदान के लिए 95% अंक प्रदान किए हैं. यह मूल्यांकन मोदी के विधिक दृष्टिकोण की दूरदर्शिता और व्यापकता को दर्शाता है.
-भारत एक्सप्रेस
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