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राज्यसभा में जम्मू कश्मीर, आंतकवाद और आर्टिकल 370 पर हुई चर्चा, गृह मंत्री अमित शाह ने बताए देश के ‘तीन नासूर’

Amit Shah In Rajya Sabha: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कार्यकरण पर हुई चर्चा के दौरान कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने आर्टिकल 370 को समाप्त कर संविधान निर्माताओं की परिकल्पना को साकार किया है.

अमित शाह ने आर्टिकल 370 को कश्मीर में अलगाववाद की नींव बताते हुए कहा, “संविधान निर्माताओं ने इसे अस्थायी प्रावधान के रूप में शामिल किया था ताकि भविष्य में इसे हटाया जा सके.” उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने “वोट बैंक की राजनीति और जिद” के कारण इसे बनाए रखा.

आतंकवाद की घटनाओं में आई भारी गिरावट

गृह मंत्री ने 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में बड़ी गिरावट का दावा किया. उन्होंने बताया, “2004 से 2014 के बीच आतंकवाद से जुड़ी 7,217 घटनाएं हुईं, जबकि 2014 से 2024 के बीच यह संख्या घटकर 2,242 रह गई. नागरिकों की मौतों में 81%, सुरक्षा बलों की मौतों में 50% और कुल मौतों में 70% की कमी आई है.”

उन्होंने कहा कि पहले कश्मीर में त्योहार भी बिना डर के नहीं मनाए जा सकते थे, लेकिन केंद्र सरकार की नीति लचीली थी और वोट बैंक की राजनीति के कारण आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती थी. शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई.”

गृह मंत्री शाह ने बताया-देश के ‘तीन नासूर’

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने तीन बड़े आंतरिक खतरों—जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और उत्तर-पूर्व के उग्रवाद—का मुकाबला करने के लिए सख्त कदम उठाए. उन्होंने बताया कि पिछले चार दशकों में इन समस्याओं के कारण करीब 92,000 नागरिक मारे गए, लेकिन पहले किसी सरकार ने इनका संपूर्ण उन्मूलन करने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए.

उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में जान गंवाने वाले राज्य पुलिस और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की.

लोकतंत्र की बहाली और विकास

शाह ने जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र को मजबूत करने के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए. उन्होंने बताया कि 2019 से 2024 के बीच 40,000 सरकारी नौकरियां दी गईं, 1.51 लाख युवाओं को स्वरोजगार मिला और कई कौशल विकास केंद्र स्थापित किए गए.

उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की बात करते हुए कहा कि 2010 से 2014 के बीच हर साल औसतन 2,654 पत्थरबाजी की घटनाएं होती थीं, लेकिन 2024 तक यह संख्या शून्य हो गई. उन्होंने कहा, “अब कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत नहीं कर सकता.”

शांतिपूर्ण माहौल और सामान्य स्थिति की बहाली

गृह मंत्री ने कश्मीर में सामान्य स्थिति की वापसी का जिक्र करते हुए कहा कि अब वहां के सिनेमा हॉल शाम तक खुले रहते हैं, जी-20 बैठक सफलतापूर्वक आयोजित हुई और मुहर्रम के जुलूस फिर से निकाले जाने लगे हैं.

उन्होंने कहा, “पहले जम्मू-कश्मीर में लोग डर के कारण अपने घरों में रहते थे, जबकि दिल्ली से नेता चुनावी जीत का प्रमाण पत्र लेकर लौटते थे, लेकिन आज, 98% मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर रहे हैं.”

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-भारत एक्सप्रेस 

निहारिका गुप्ता

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