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‘बॉर्डर पर नहीं अटकेगा सामान…’ BRICS देशों के नए कस्टम्स नियम से भारतीय निर्यातकों की बल्ले-बल्ले

ब्रिक्स (BRICS) देश अब केवल बैठकों और बयानों तक सीमित न रहकर व्यापारिक नियमों को जमीनी स्तर पर आसान बनाने में जुट गए हैं. नई दिल्ली घोषणापत्र के साथ ही सदस्यों ने सीमा शुल्क सहयोग और प्रशासनिक सहायता पर बड़ी सहमति जताई है.

इसका सीधा असर यह होगा कि अब एक्सपोर्टर्स को कस्टम क्लीयरेंस के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. हालांकि, इससे रातों-रात टैरिफ कम नहीं होंगी, लेकिन कागजी कार्रवाई और चेकिंग में होने वाली देरी खत्म होने से सामान की कुल लागत काफी घट जाएगी.

एक्सपोर्टर्स के लिए क्या बदला?

अब ब्रिक्स देशों की कस्टम एजेंसियां एक-दूसरे के साथ डेटा साझा करेंगी और भरोसेमंद कारोबारियों (AEO) को विशेष छूट देंगी. इसका मतलब यह है कि जिन कंपनियों का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है, उनके सामान की बॉर्डर पर बार-बार फिजिकल चेकिंग नहीं होगी.

सरल शब्दों में कहें तो, स्मार्ट कस्टम्स, डिजिटल सिंगल विंडो और पहले से डेटा साझा करने की व्यवस्था से माल का क्लीयरेंस चुटकियों में हो सकेगा. जब पोर्ट्स पर जहाजों को रुकना नहीं पड़ेगा, तो डिमरेज (Demurrage) और स्टोरेज का भारी खर्च बचेगा.

समय ही पैसा है: WTO की रिपोर्ट का दावा

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बॉर्डर पर होने वाली देरी की वजह से लॉजिस्टिक्स लागत का लगभग 44% तक नुकसान होता है. ऐसे में अगर क्लीयरेंस तेज होता है, तो कंपनियों के करोड़ों रुपये बचेंगे और सामान सही समय पर बाजार पहुंचेगा.

चीन के ज़ियामेन और दक्षिण अफ्रीका के डरबन पोर्ट के बीच शुरू हुआ ‘स्मार्ट एंड सिक्योर ट्रेड लेन’ प्रोजेक्ट इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसे अब पूरे ब्रिक्स नेटवर्क में लागू करने की तैयारी है.

अब आगे क्या?

यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह समझौता कोई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) नहीं है, इसलिए सीधे तौर पर टैक्स की दरें शून्य नहीं होंगी. लेकिन जो निर्यातक अपने डॉक्यूमेंट्स, प्रोडक्ट्स की क्वालिटी और सप्लाई चैन को पारदर्शी रखेंगे, उन्हें ब्रिक्स बाजारों में माल बेचने में सीधी बढ़त मिलेगी.

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-भारत एक्सप्रेस

Prashant Kumar

CEO – Bharat Express Digital Chief Advisor to the Chairman & Managing Director and Editor-in-Chief Mr. Prashant Kumar is a digital, media and growth transformation leader with 18+ years of experience across strategy, technology, AI, marketing and business transformation, having worked with leading organisations including Amazon, IBM, Adidas and Tata Consumer Products. At Bharat Express, he leads digital transformation, audience growth, technology, partnerships, monetisation and new business initiatives to build a scalable, future-ready media ecosystem.

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