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‘यूरोप-दुबई का झंझट खत्म!’ जानिए कैसे डायरेक्ट फ्लाइट्स और UPI ने बदला भारत-रूस-एशिया टूरिज्म का अंदाज

भारत, रूस और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सीधी उड़ानों और यूपीआई पेमेंट्स ने यात्रा को आसान बना दिया है. अब यूरोपीय देशों के रास्ते के बिना एशिया में सफर करना बेहद सुगम हो गया है.

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एशिया में सफर का नया दौर (AI IMAGE)

Edited by Vaibhav Gupta

अगर आप भारत से रूस या वियतनाम, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो अब आपको यूरोप या खाड़ी (Gulf) देशों के हवाई अड्डों पर लंबे लेओवर काटने की जरूरत नहीं है. सीधी उड़ानों के विस्तार और भारत के UPI जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क ने एशिया के भीतर यात्रा को बेहद आसान और किफायती बना दिया है.

पहले जहां भारतीय या रूसी पर्यटकों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स और भारी-भरकम ट्रांजिट प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, वहीं अब डायरेक्ट फ्लाइट्स ने समय और पैसा दोनों बचा दिया है.

डायरेक्ट फ्लाइट्स ने आसान किया सफर

विमानन क्षेत्र में आए इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिल रहा है. दिल्ली और मास्को के बीच सीधी उड़ानों के अलावा, रूस से वियतनाम के दा नांग और न्हा ट्रांग के लिए भी डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू हो चुकी हैं.

दूसरी ओर, भारत से सिंगापुर, बैंकॉक, फुकेत, कुआलालंपुर और हनोई जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानों का जाल पहले से ही मजबूत है. इसका सीधा असर यह हुआ है कि व्यापारी, छात्र, पर्यटक और मरीज बिना किसी झंझट के एक ही ट्रिप में कई एशियाई देशों की यात्रा की योजना बना पा रहे हैं.

UPI और डिजिटल पेमेंट्स से कैश की झंझट खत्म

सफर में सबसे बड़ी सिरदर्दी विदेशी करेंसी और कार्ड्स की होती है. लेकिन भारत का यूपीआई अब सिंगापुर, भूटान, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, मॉरीशस, कतर और कंबोडिया में काम कर रहा है.

सिंगापुर के ‘पे-नाउ’ (PayNow) और भारत के ‘यूपीआई’ के जुड़ने से दोनों देशों के बीच पैसों का लेनदेन तुरंत और बेहद कम खर्च में संभव हो गया है. इसके अलावा ‘प्रोजेक्ट नेक्सस’ जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के तहत आने वाले समय में दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में डिजिटल पेमेंट और भी आसान होने वाला है.

सफर से पहले रखें इन बातों का ध्यान

भले ही सीधी उड़ानों और यूपीआई ने यात्रा को सुगम बना दिया हो, लेकिन रूस की यात्रा करते समय सावधान रहने की जरूरत है. रूस में पश्चिमी देशों के कई क्रेडिट और डेबिट कार्ड काम नहीं करते, इसलिए वहां के लिए कुछ इमरजेंसी कैश साथ रखना समझदारी होगी. इसके अलावा, वियतनाम के 90 दिनों के ई-वीजा और थाईलैंड की वीजा-फ्री पॉलिसी का लाभ उठाने से पहले आधिकारिक पोर्टल से नियम जरूर जांच लें.

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-भारत एक्सप्रेस



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