देश

लाल किले से पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर रचेगा नया इतिहास, जानिए क्यों लिया गया यह फैसला

Independence Day 2026: इस बार का स्वतंत्रता दिवस देशवासियों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक होने वाला है. भारत अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक ऐसा नया अध्याय लिखने जा रहा है, जो आजादी के बाद से अब तक कभी नहीं हुआ. लाल किले से पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किया जाएगा.

रक्षा सचिव आर. के. सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐतिहासिक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की मुख्य थीम ‘युवा शक्ति’ रखी गई है, जो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में देश के नौजवानों के योगदान को समर्पित है.

अब तक लाल किले पर क्यों नहीं गाया ‘वंदे मातरम’?

आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आजादी के 78 साल बाद तक आखिर क्यों लाल किले के मुख्य समारोह में ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया गया?

दरअसल इसके पीछे आधिकारिक राष्ट्रीय प्रोटोकॉल और कुछ ऐतिहासिक कारण रहे हैं. 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था. लेकिन राजकीय नियमों के तहत राष्ट्रीय ध्वजारोहण के मुख्य अवसरों पर केवल राष्ट्रगान की प्रस्तुति को ही अनिवार्य किया गया था.

इसके अलावा ऐतिहासिक रूप से 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने रवींद्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी की सलाह पर देश की विविधता का सम्मान करते हुए वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो छंदों को ही सार्वजनिक रूप से गाने की अनुमति दी थी. बाकी छंदों पर उठने वाले कुछ धार्मिक विवादों के कारण यह गीत लंबे समय तक लाल किले के आधिकारिक मंच से दूर रहा.

क्यों होने जा रहा यह बड़ा बदलाव?

इस साल लाल किले से वंदे मातरम गाए जाने के पीछे तीन बड़े और महत्वपूर्ण कारण हैं:

‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होना: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत के 150 साल पूरे हो रहे हैं. आजादी की लड़ाई में इस गीत ने करोड़ों भारतीयों में देशभक्ति का जज्बा भरा था. इसी ऐतिहासिक विरासत को नमन करने के लिए इसे समारोह का हिस्सा बनाया गया है.

संसद से पास हुआ नया कानून: जुलाई 2026 में ही भारत सरकार ने संसद में ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (संशोधन) बिल, 2026’ पास किया है. इस नए कानून के तहत अब ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रगान के बराबर कानूनी दर्जा और सुरक्षा दे दी गई है. अब राष्ट्रगीत का अपमान करने या इसे रोकने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है.

समान सम्मान का वादा पूरा: संविधान सभा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा मिलेगा. इसी वादे को आधिकारिक रूप से लागू करते हुए नए प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं.

ये भी पढ़ें- ‘विवेक, संयम, पराक्रम और दान…’ पीएम मोदी ने शेयर किया सुभाषित, जानें अर्थ

इस बार कैसा होगा 15 अगस्त का कार्यक्रम?

आपको बता दें कि 15 अगस्त की सुबह जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर पहुंचेंगे सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ के सभी 6 छंदों का गायन होगा. इसके बाद प्रधानमंत्री तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे.

समारोह के दौरान वायु सेना का एक Mi-17 हेलीकॉप्टर हवा में ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ का बैनर लेकर उड़ान भरेगा और लाल किले पर मौजूद लोगों पर फूलों की बारिश करेगा. इस बार वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए बैठने के एनक्लोजर के नाम भारत की प्रमुख झीलों पर रखे गए हैं. साथ ही अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपियाड जीतने वाले 19 मेधावी छात्रों सहित देश भर से लगभग 5,000 विशेष मेहमानों को इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए आमंत्रित किया गया है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

गंभीर के बर्थडे पर बिगड़ा खेल, शे होप के शतक और कीमो पॉल के पंजे से भारत की हार, 2-2 से बराबर हुई टी20 सीरीज

IND vs WI: हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को…

33 minutes ago

एस जयशंकर-UAE विदेश मंत्री की अहम मुलाकात, बदलती दुनिया पर हुई चर्चा; वैश्विक संस्थाओं में सुधार पर जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद…

44 minutes ago

अंकिता भंडारी केस पर सियासत तेज, इंडिया गेट से माता-पिता समेत कई लोग हिरासत में; कांग्रेस ने सरकार को घेरा

Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंडिया गेट पर…

1 hour ago