देश

नेगेटिव पब्लिसिटी से क्लीन चिट तक: सीनियर वकील पाहवा ने डिकोड किया गौतम अडानी पर US कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

अमेरिका के न्यूयॉर्क (ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट) की अदालत ने अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन पर लगे रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है. इस बड़े और ऐतिहासिक फैसले को कानूनी नजरिए से समझाते हुए सीनियर वकील विकास पाहवा (Vikas Pahwa) ने बड़ा खुलासा किया है. पाहवा ने एएनआई (ANI) से बातचीत में स्पष्ट किया है कि अमेरिका में अडानी ग्रुप के खिलाफ यह मामला पूरी तरह से बंद हो चुका है और अब इसे दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता.

“अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में था ही नहीं मामला”

पाहवा ने बताया कि पिछले साल जब अमेरिका में अडानी ग्रुप पर आरोप (Indictment) तय हुए थे, तब उन्हें भारी नकारात्मक प्रचार (Negative Publicity) झेलना पड़ा था. लेकिन अब खुद अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice – DoJ) ने माना है कि जिन लेन-देन का आरोप लगाया गया था, वे अमेरिका में कभी हुए ही नहीं. पाहवा ने कहा, “यह लेन-देन भारत में हुआ था. शुरू से ही यह मामला अमेरिका के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में नहीं आता था.”

पाहवा ने गिनाए DoJ के आधार

विकास पाहवा के अनुसार, न्याय विभाग के पास केस वापस लेने के 4-5 बहुत अहम आधार थे. पहला, ये आरोप कभी लगाए ही नहीं जाने चाहिए थे. दूसरा, ‘समय (Timing)’. पाहवा ने बताया, “शायद उस समय अमेरिका में सरकार बदल रही थी, तभी ये आरोप तय किए गए. मेरा मानना है कि यह अडानी ग्रुप के लिए बहुत अहम और बड़ी राहत है.”

“एक बार केस क्लोज, तो दोबारा खोलना नामुमकिन”

कानूनी प्रक्रिया को समझाते हुए पाहवा ने कहा कि जब जज के आदेश से “Dismissal with Prejudice” (स्थायी रूप से खारिज) हो जाता है, तो मामले का निश्चित रूप से समापन हो जाता है. पाहवा ने कहा, “जहां तक ​​मेरी बात है, अमेरिका में यह केस पूरी तरह से बंद हो चुका है. उनके नियमों और कानूनों के मुताबिक, एक बार बंद होने के बाद इसे दोबारा शुरू करना बहुत मुश्किल है.”

ये भी पढ़ें: अमेरिका ने रद्द किए 1.75 लाख वीजा: विदेशी नागरिकों का होगा देश निकाला, क्या चाहते हैं ट्रंप?

न्यायपालिका ने दिखाई सख्ती

पाहवा ने अमेरिकी कोर्ट की सक्रिय भूमिका की भी तारीफ की. उन्होंने भारत की ‘CrPC की धारा 321’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जब प्रॉसिक्यूशन केस वापस लेता है, तो कोर्ट सिर्फ दर्शक नहीं रहता. इस मामले में भी अमेरिकी जज निकोलस गराउफिस ने DoJ से बाकायदा हलफनामा जमा करने और खास सवालों के औपचारिक जवाब मांगे थे. कोर्ट की पूरी तसल्ली के बाद ही केस वापस लेने की अर्जी मंजूर की गई, जिससे गौतम अडानी को यह ऐतिहासिक क्लीन चिट मिल सकी.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

चीन-जापान की राह पर भारत! नथिंग के CEO बोले- मैन्युफैक्चरिंग तो बस शुरुआत है, R&D से बनेंगे ग्लोबल ब्रांड्स

Nothing CEO Carl Pei: उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी नथिंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कार्ल पेई…

2 hours ago

CCTV फुटेज से खुली दान में चोरी की पोल! अयोध्या राम मंदिर मामले में SIT को मिले 105 चोरी के सबूत

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई स्टेटस रिपोर्ट में बताया…

2 hours ago

Asian Games में भारत का जलवा: दूसरे दिन आए 6 मेडल, टेबल टेनिस में पाकिस्तान को दो बार चटाई धूल

एशियन गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारत ने निशानेबाजी और एमएमए (MMA) में 3 सिल्वर…

3 hours ago

IICC में आयोजित होगा ‘हिंदी मेरी जान 2026’ कवि सम्मेलन, भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन उपेन्द्र राय किए गए आमंत्रित

भारत एक्सप्रेस के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय दिल्ली में होने जा रहे 'हिंदी मेरी…

3 hours ago