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15 august

भारत आज 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तिरंगा फहराकर लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया. इस बार समारोह की थीम ‘युवा शक्ति फॉर विकसित भारत@2047’ है.

15 अगस्त सिर्फ आजादी का जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि यह सोचने का अवसर भी है कि आखिर ‘भारत’ है क्या. क्या भारत केवल एक भौगोलिक सीमा का नाम है, या फिर इसके पीछे हजारों वर्षों की कोई ऐसी विचार-यात्रा है, जिसने समय के साथ इसे आकार दिया?

15 अगस्त से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस ने अल-कायदा और खालिस्तानी गुटों से जुड़े 19 मोस्ट वांटेड आतंकियों के पोस्टर जारी कर जनता से अलर्ट रहने की अपील की है.

स्वतंत्रता दिवस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को उत्सव के रूप में मनाने की अपील की है.

स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर लाल किले पर एक नया इतिहास रचने जा रहा है. आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन किया जाएगा. जानिए इसके पीछे के कारण.

15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 ये दोनों दिन भारत के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराने के नियम अलग-अलग होते हैं? इस वीडियो में जानिए ध्वजारोहण और Flag Unfurling का अंतर, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की भूमिका के पीछे का कारण, और लाल किले पर फहराए जाने वाले तिरंगे की रस्सी से जुड़ी एक अनोखी परंपरा. यह कहानी सिर्फ झंडे की नहीं, बल्कि भारत की आज़ादी और संविधान की आत्मा की है.

Independence Day 2025: 14-15 अगस्त 1947 की आधी रात को भारत को आज़ादी मिली थी. जानिए आधी रात को स्वतंत्रता घोषित करने के पीछे के कारण, उस ऐतिहासिक रात के किस्से और बंटवारे की पीड़ा की कहानी...

Independence Day 2025: 15 अगस्त 200 वर्षों से अधिक समय तक के संघर्षों के बाद का इनाम है. ये वो शुभ दिन है जब भारत ब्रिटिश सरकार के शासन से स्वतंत्र हुआ था.

पीएम मोदी ने आगे कहा, जब नीति सही होती है, नीयत सही होती है और पूर्ण समर्पण के साथ राष्ट्र कल्याण का मंत्र होता है, तो निश्चित परिणाम हम प्राप्त करके रहते हैं.

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कल यानी 15 अगस्त को राजधानी में होने वाले परेड रिहर्सल और कार्यक्रम को देखते हुए भारी माल वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंध रहेगा.