अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कभी-कभी सच इतनी देर से सामने आता है कि उसकी कड़वाहट पूरे माहौल को बदल देती है. कुछ ऐसा ही हुआ है ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर. पिछले साल मई 2025 में जब भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया था, तब से ही चीन की भूमिका पर शक की सुइयां टिकी थीं. अब चीन ने खुद ये मान लिया है कि उस वक्त उसके इंजीनियर और एक्सपर्ट्स पाकिस्तान के ग्राउंड पर मौजूद थे. चीन के इस कबूलनामे के बाद भारत ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है और बीजिंग को आईना दिखाया है.
हाल ही में चीन के सरकारी चैनल CCTV ने एक इंटरव्यू दिखाया, जिसमें चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने चौंकाने वाले खुलासे किए. झांग ने बताया कि जब भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चल रहा था, तब वे पाकिस्तानी सपोर्ट बेस पर मौजूद थे. उन्होंने 50 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी, आसमान में गूंजते भारतीय लड़ाकू विमानों की आवाज और हर तरफ बजते सायरन के बीच पाकिस्तानी सेना की मदद करने का अपना अनुभव साझा किया.
ये पहली बार है जब चीन ने आधिकारिक तौर पर माना है कि उसके लोग उस युद्ध जैसी स्थिति के दौरान पाकिस्तान की जमीन पर सक्रिय थे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में हुई ब्रीफिंग के दौरान चीन को जमकर लताड़ा. उन्होंने कहा, “हमने वे रिपोर्ट्स देखी हैं जो उन बातों की पुष्टि करती हैं जो हमें पहले से पता थीं. जो देश खुद को जिम्मेदार ग्लोबल पावर मानते हैं, उन्हें ये सोचना चाहिए कि आतंकी ढांचे को बचाने में मदद करने से उनकी प्रतिष्ठा का क्या होता है.”
6 और 7 मई 2025 की रात भारतीय जांबाजों ने पाकिस्तान में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी ढेर हो गए थे. ये संघर्ष 10 मई को तब थमा जब पाकिस्तान ने गिड़गिड़ाते हुए भारत से सीजफायर की अपील की. हालांकि, भारत ने बार-बार साफ किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ खत्म नहीं हुआ है, इसे सिर्फ रोका गया है.
लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने हाल ही में खुलासा किया था कि संघर्ष के दौरान तुर्की ने भी पाकिस्तान को अपने आधुनिक ‘बायराकतार’ (Bayraktar) ड्रोन दिए थे. इससे भी ज्यादा गंभीर बात ये है कि जब दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशंस के महानिदेशक (DGMO) स्तर की बातचीत चल रही थी, तब चीन लाइव डेटा के जरिए भारत की तैनाती की जानकारी पाकिस्तान को पास कर रहा था.
भारत ने इस पूरी घटना से सबक लेते हुए अपनी डिफेंस और टेक-इंटेलिजेंस को और भी ज्यादा आधुनिक बनाने पर जोर दिया है. लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह के मुताबिक, अब हमें और भी तेजी से और कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है. भारत अब ये सुनिश्चित कर रहा है कि भविष्य में अगर कोई पड़ोसी मुल्क या उसके ‘आका’ ऐसी हिमाकत करते हैं, तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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