प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘आर्थिक आत्मरक्षा’ का संदेश दिए जाने के बाद अब इसका असर राज्यों में भी दिखाई देने लगा है. गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी खर्च और ईंधन बचाने को लेकर कई अहम फैसले किए हैं. मंगलवार को लोक भवन में हुई एक विशेष बैठक में उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर ऐसे फैसलों पर चर्चा की, जिनका मकसद देश को आर्थिक रूप से ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है.
बैठक में लोक भवन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अशोक शर्मा, होम डायरेक्टर ए.के. जोशी, एडीसी शुभम कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान राज्यपाल ने साफ कहा कि मौजूदा समय में ईंधन की बचत सिर्फ आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि देशहित का विषय बन चुकी है.
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ऐलान किया कि जब तक देश में पेट्रोलियम की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वे राज्य के भीतर यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर या हवाई सफर का इस्तेमाल नहीं करेंगे. इसके बजाय वे ट्रेन, एसटी बस और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों से यात्रा करेंगे.
उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले को भी सीमित करने का निर्देश दिया है. आमतौर पर राज्यपाल के साथ चलने वाले लंबे जेड प्लस सुरक्षा काफिले में कई वाहन शामिल होते हैं, लेकिन अब फ्यूल बचाने के उद्देश्य से इसमें कटौती की जाएगी. उनका मानना है कि छोटी-छोटी बचत भी बड़े स्तर पर असर डाल सकती है.
राज्यपाल ने गुजरात की सभी यूनिवर्सिटियों के वाइस चांसलरों को निर्देश दिया है कि सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘कम्बशन इंजन फ्री डे’ मनाया जाए. उस दिन शिक्षक और छात्र पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों की जगह साइकिल, इलेक्ट्रिक व्हीकल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें.
उनका कहना है कि अगर युवा पीढ़ी अभी से वैकल्पिक साधनों को अपनाएगी, तो आने वाले समय में देश ईंधन पर निर्भरता काफी हद तक कम कर सकेगा. साथ ही इससे पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा.
राज्यपाल ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी साफ निर्देश दिए हैं कि सरकारी काम के नाम पर गैर-जरूरी वाहनों का इस्तेमाल बंद किया जाए. उन्होंने कहा कि हर विभाग को यह देखना चाहिए कि कहां खर्च कम किया जा सकता है और किस तरह सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है.
लोक भवन के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भी राज्यपाल के इस प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे देशहित में जरूरी कदम बताया.
बैठक के दौरान राज्यपाल ने प्रधानमंत्री मोदी की सात प्रमुख अपीलों का जिक्र करते हुए कहा कि फ्यूल बचाना, स्वदेशी उत्पाद अपनाना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और खाने के तेल का कम इस्तेमाल करना केवल व्यक्तिगत आदतें नहीं हैं, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हैं.
उन्होंने कहा कि अगर हर नागरिक थोड़ा त्याग करने के लिए तैयार हो जाए, तो भारत को आत्मनिर्भर बनने से कोई नहीं रोक सकता. उनके मुताबिक,
“हमारे द्वारा बचाई गई फ्यूल की हर बूंद और हर रुपया देश को मजबूत बनाने में योगदान देगा.”
यह भी पढ़ें: बैकफुट पर जैकलीन फर्नांडिस! सरकारी गवाह बनने की अर्जी ली वापस, ED के कड़े रुख के आगे झुकीं एक्ट्रेस
-भारत एक्सप्रेस
इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…
PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…
India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…
रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…