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‘अल्पसंख्यक ना विदेशी हैं, ना पराए…’; इंद्रेश कुमार ने डिकोड की ‘DNA थ्योरी’

Indresh Kumar In Bharat Express Conclave: ‘भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क’ के तीसरे स्थापना दिवस पर आयोजित ‘भारत एक्सप्रेस मेगा कॉन्क्लेव’ (‘विकसित भारत 2047: नए भारत की बात’) में समाज को एकजुट करने और ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ के मंत्र पर सार्थक चर्चा हुई. मंच पर एंकर स्वाति शुक्ला के साथ बातचीत में RSS के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रचारक इंद्रेश कुमार ने देश की एकता और अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया.

‘नेक बनो, एक बनो’ का मंत्र और एक DNA की थ्योरी

चर्चा के दौरान एंकर स्वाति शुक्ला ने इंद्रेश कुमार की ‘नेक बनो, एक बनो’ की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि 2047 के विकसित भारत के लिए युवाओं में ऐसी ही अच्छी विचारधारा का होना बहुत जरूरी है. इस पर सहमति जताते हुए इंद्रेश कुमार ने देशवासियों की एकता का मूल आधार उनके DNA को बताया. उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि आज देश में रहने वाले 142 करोड़ लोग हों या दुनिया भर में फैले हुए भारतीय मूल के लोग, “उन सबका DNA एक था, एक है और एक रहेगा.”

‘अल्पसंख्यक भारत का हिस्सा थे, हैं और सदा रहेंगे’

अल्पसंख्यकों के मन में उठने वाली शंकाओं को दूर करते हुए इंद्रेश कुमार ने अल्पसंख्यकों के एक सम्मेलन का किस्सा साझा किया. उन्होंने मंच से दो टूक कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग न तो विदेशी हैं, न पराए हैं और न ही गैर हैं. वे भारत और भारतीयता का अभिन्न हिस्सा थे, हैं और सदा रहेंगे. एंकर स्वाति शुक्ला ने उनके इस विचार का स्वागत करते हुए कहा कि जब हम ‘सबका विश्वास’ की बात करते हैं, तो विकसित भारत का संकल्प साक्षात तौर पर आगे बढ़ता हुआ नजर आता है.

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समाज के सभी वर्गों का विश्वास जीतने और अखंड भारत की परिकल्पना को मजबूत करने की दिशा में भारत एक्सप्रेस मेगा कॉन्क्लेव का यह संवाद बेहद प्रभावशाली साबित हुआ. ‘भारत एक्सप्रेस मेगा कॉन्क्लेव’ के माध्यम से पूरे देश में यह सकारात्मक संदेश गया कि 2047 के ‘विकसित भारत’ का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म या संप्रदाय का हो, खुद को विदेशी या पराया न समझकर इसी राष्ट्र और एक ही DNA का अभिन्न हिस्सा मानेगा.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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