Petrol Diesel Prices: देशभर में इन दिनों लोग महंगाई की मार से वैसे ही परेशान हैं और ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम हर किसी की जेब पर असर डालते हैं.
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में इन दामों में भले ही आज कोई बड़ा बदलाव नहीं आया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आने वाले समय में इनके बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
खासकर ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है, जो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता की बात है.
आज यानी 24 जून 2025 को दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 प्रति लीटर पर टिका रहा और डीजल ₹87.62 पर बना रहा. मुंबई में पेट्रोल ₹103.50 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर रहा.
वहीं, चेन्नई में पेट्रोल करीब ₹100.80 और डीजल ₹92.39 प्रति लीटर दर्ज किया गया. कोलकाता में पेट्रोल ₹105.41 और डीजल ₹92.02 रहा.
इन रेट्स में आज कोई बदलाव नहीं हुआ, जिससे आम लोगों को थोड़ी राहत ज़रूर मिली है, लेकिन बाजार में जो अस्थिरता बनी हुई है, वो आने वाले वक्त में कीमतों को ऊपर धकेल सकती है.
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अभी दुनिया की नजरें खाड़ी क्षेत्र पर टिकी हैं जहां ईरान और इजरायल के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है. वहीं ईरान ने तेल व्यापार के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ता ‘Strait of Hormuz’ को बंद करने की चेतावनी दी है.
बता दें कि इस रास्ते से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल जाता है. अगर यह रास्ता बंद होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कमी हो सकती है और इससे कीमतें आसमान छूने लगेंगी. इस स्थिति का असर भारत पर भी पड़ेगा, क्योंकि भारत अपनी ज़रूरत का 85% तेल आयात करता है.
भारत सरकार ने अभी हाल ही में रूस और अमेरिका से कच्चा तेल खरीदने की दिशा में तेजी दिखाई है. इसके साथ ही भारत ने एक महीने का पर्याप्त तेल स्टॉक भी तैयार कर लिया है ताकि अचानक की कमी से निपटा जा सके.
इसके अलावा भारत ने खाड़ी देशों के बाहर से भी तेल आयात की संभावनाओं पर काम शुरू कर दिया है. ये सभी कदम ईंधन की कीमतों को फिलहाल स्थिर बनाए रखने में मदद कर रहे हैं, लेकिन अगर वैश्विक तनाव और बढ़ा, तो केवल घरेलू प्रयासों से हालात संभालना मुश्किल हो सकता है.
पेट्रोल-डीजल के दाम अगर बढ़ते हैं तो इसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ता है. ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, फल-सब्जियों से लेकर हर सामान की लागत बढ़ जाती है और घरेलू बजट गड़बड़ा जाता है.
अभी भले ही कीमतें स्थिर हैं, लेकिन जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल होती है, आम जनता को इसका झटका सबसे पहले लगता है. आने वाले दिनों में अगर खाड़ी क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं, तो भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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