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बलिया में मनाई गई ‘जगदीश्वर निगम जयंती’, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दी श्रद्धांजलि

Jagdishwar Nigam Jayanti: बलिया में सोमवार को एक भव्य समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और 1923 बैच के आईसीएस अधिकारी जगदीश्वर निगम की जयंती मनाई गई. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. टाउन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री ने निगम की साहसिक विरासत को याद किया और उनके योगदान को देश के स्वतंत्रता संग्राम का अभिन्न हिस्सा बताया.

1942 की क्रांति में निभाई अहम भूमिका

मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपने भाषण में कहा, “जगदीश्वर निगम न केवल एक प्रशासनिक अधिकारी थे, बल्कि एक साहसी स्वतंत्रता सेनानी भी थे. 19 अगस्त 1942 को उन्होंने बलिया में ब्रिटिश हुकूमत को खुली चुनौती दी और कलेक्टर के कार्यालय में तिरंगा फहराकर बलिया की अस्थायी स्वतंत्रता की घोषणा की.” इस ऐतिहासिक घटना ने ब्रिटिश शासन को हिलाकर रख दिया और उन्हें ‘राष्ट्रवादी निगम’ की उपाधि दिलाई.

बलिया के इतिहास पर बनेगी फिल्म

इस अवसर पर एसजेआर फिल्म्स की एक नई परियोजना की घोषणा की गई, जो बलिया के इस गौरवशाली इतिहास को बड़े पर्दे पर लाएगी. फिल्म में जगदीश्वर निगम की भूमिका को लेकर उत्साहित जनता ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को भूमिका निभाने की मांग की है. मंत्री ने फिल्म निर्माताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल बलिया की ऐतिहासिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएगी.

पुस्तक का हुआ विमोचन

कार्यक्रम में एक पुस्तक का विमोचन भी हुआ, जिसका शीर्षक है “जगदीश्वर निगम बनाम ब्रिटिश राज – 19 अगस्त 1942”. यह किताब निगम की बेटी शीला दरबारी और पोतियों राज दरबारी एवं जैनिस दरबारी द्वारा लिखी गई है. पुस्तक में उनके साहस, नेतृत्व और 1942 में ब्रिटिश सत्ता को जनशक्ति के सामने झुकाने वाली ऐतिहासिक घटना का संकलन किया गया है. यह पुस्तक अब अमेज़न किंडल, भारत सरकार के ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ पोर्टल और संस्कृति पोर्टल पर भी उपलब्ध है.

“बलिया की आवाज बनेगी यह कहानी”

दयाशंकर सिंह ने कहा, “यह सिर्फ बलिया की नहीं, पूरे भारत की कहानी है. सरकार इस ऐतिहासिक फिल्म और पुस्तक को देशभर में पहुंचाने के लिए हर संभव सहयोग देगी, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ जगदीश्वर निगम की बहादुरी से प्रेरणा ले सकें.”

जगदीश्वर निगम, एक आईसीएस अधिकारी होते हुए भी 1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान बलिया में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़े हुए. उन्होंने प्रशासनिक पद पर रहते हुए जनआंदोलन को समर्थन दिया और सरकारी इमारतों पर भारतीय ध्वज फहराया. उन्होंने यह साबित किया कि प्रशासनिक अधिकारी भी राष्ट्रभक्ति की मिसाल बन सकते हैं.


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-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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