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‘बिहार के लिए महात्मा गांधी हैं नीतीश कुमार…’ जोश-जोश में ये क्या बोल गए मंत्री शैलेश कुमार?

Shailesh Kumar On Nitish Kumar: बिहार में जब से सत्ता हस्तांतरण हुआ है तब से बीजेपी और जदयू के बीच अंदरखाने जंग जारी है. दावा यहां तक किया जा रहा है कि जदयू अभी भी सम्राट चौधरी को अपना नेता मानने से हिचक रही है. इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री और जदयू नेता शैलेश कुमार ने नीतीश कुमार को लेकर गजब का बयान दे दिया है. जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

शैलेश कुमार ने नीतीश कुमार की तुलना महात्मा गांधी से की है. उन्होंने कहा कि बिहार के लिए नीतीश कुमार ही महात्मा गांधी हैं.

दूसरा महात्मा गांधी हैं नीतीश

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार तो ऑलरेडी बिहार में जितना काम किया है, अगर आप देखेंगे कि आजादी के बाद कोई एक महात्मा गांधी यहां पर पैदा लिया. तो दूसरा महात्मा गांधी बिहार के लिए नीतीश कुमार जी हैं.

दरअसल शैलेश कुमार भागलपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि जिंदा रहते हुए लोग उसका अनुभव नहीं करते. लेकिन मैं आपको बता देता हूं कि नीतीश कुमार ने वैसा काम किया है, एक तो विकास के मामले में कोई उनका विरोध नहीं कर सकता.

भारत के विकास पुरुष हैं नीतीश कुमार

उन्होंने नीतीश कुमार को भारत का सबसे बड़ा विकास पुरुष तक करार दिया. उन्होंने कहा कि भारत का कोई भी नेता विकास के मामले में नीतीश कुमार का ना तो विरोध कर सकता है और ना ही उंगली उठा सकता है.

शैलेश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद छोड़ने पर नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की. उन्होंने इसे सबसे बड़ा त्याग बताया.

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बिहार सरकार के मंत्री ने कहा कि एक मुख्यमंत्री रहते हुए सीएम कुर्सी का त्याग कर देने जैसा काम सिर्फ और सिर्फ नीतीश कुमार ही कर सकते हैं. बिहार और भारत की राजनीति में दूसरा नीतीश कुमार पैदा नहीं हो सकता.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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