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mahatma gandhi

1942 का भारत छोड़ो आंदोलन सिर्फ गांधीजी के नेतृत्व तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें किसानों, आदिवासियों और संगठित क्रांतिकारी समूहों ने भी अहम भूमिका निभाई.

Pushpamitra Book Review: 'गांधी का सैंतालीस' केवल इतिहास का रोजनामा नहीं, बल्कि बंटवारे की त्रासदी और सांप्रदायिक हिंसा के बीच 77 वर्षीय महात्मा गांधी के अंतिम अहिंसक संघर्ष की गाथा है.

Mahatma Gandhi Tribute: गांधी जयंती पर पीएम मोदी ने राजघाट पहुंच बापू को श्रद्धांजलि दी और देशवासियों से खादी उत्पाद खरीदकर स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया.

गांधी जयंती पर जानिए आज के समय में गांधीवादी होने का असली मतलब क्या है? डिजिटल युग में सत्याग्रह, अहिंसा, स्वदेशी और स्वराज की नई परिभाषा क्या है और कैसे छोटे फैसलों से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है?

Fundamental Duties: भारतीय संविधान निर्माताओं ने अधिकारों को प्राथमिकता दी, जबकि महात्मा गांधी का मानना था कि अधिकार केवल कर्तव्यों के सच्चे पालन से उत्पन्न होते हैं. जानिए संविधान निर्माण और गांधीवादी विचारों के बीच के संतुलन व संघर्ष की पूरी कहानी.

1920 के दशक में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महात्मा गांधी की छवि सिर्फ एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं थी. गोरखपुर के किसानों के बीच वे ‘महात्मा’ के रूप में लोकप्रिय हो चुके थे, जिनसे जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं, अफवाहें और चमत्कारों की कहानियां प्रचलित थीं.

Shailesh Kumar On Nitish Kumar: बिहार सरकार के मंत्री शैलेश कुमार ने नीतीश कुमार को बिहार का गांधी करार दिया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार तो ऑलरेडी बिहार में जितना काम किया है, अगर आप देखेंगे कि आजादी के बाद कोई एक महात्मा गांधी यहां पर पैदा लिया. तो दूसरा महात्मा गांधी बिहार के लिए नीतीश कुमार जी हैं.

PAKISTAN TEXTBOOK HISTORY 1947: 14 और 15 अगस्त की तारीखें भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में सबसे अहम हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीमा पार पाकिस्तान के स्कूलों में 1947 की आजादी, महात्मा गांधी, भगत सिंह और विभाजन के इतिहास को किस नजरिए से पढ़ाया जाता है?

PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल स्वतंत्रता सेनानियों और देशवासियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और बलिदान को याद किया. उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व और 'भारत छोड़ो' के आह्वान को स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा देने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव बताया.

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पेपर लीक के खिलाफ 26 दिनों तक अनशन करने वाले पर्यावरणविद और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.