1942 की जनक्रांति: गांधीवादी व्याख्या से परे बिहार का संगठित संघर्ष और सियाराम सिंह की भूमिका
1942 का भारत छोड़ो आंदोलन सिर्फ गांधीजी के नेतृत्व तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें किसानों, आदिवासियों और संगठित क्रांतिकारी समूहों ने भी अहम भूमिका निभाई.
‘ईश्वर अल्लाह तेरो नाम!’ नंगे पैर, हाथ में लाठी… दंगों की आग के बीच अकेले कैसे लड़े बापू? पढ़िए अनकही दास्तान
Pushpamitra Book Review: 'गांधी का सैंतालीस' केवल इतिहास का रोजनामा नहीं, बल्कि बंटवारे की त्रासदी और सांप्रदायिक हिंसा के बीच 77 वर्षीय महात्मा गांधी के अंतिम अहिंसक संघर्ष की गाथा है.
2 अक्टूबर को PM मोदी का देशवासियों से खास आग्रह! जानिए राजघाट पहुंचकर प्रधानमंत्री ने खादी को लेकर क्या कहा?
Mahatma Gandhi Tribute: गांधी जयंती पर पीएम मोदी ने राजघाट पहुंच बापू को श्रद्धांजलि दी और देशवासियों से खादी उत्पाद खरीदकर स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया.
गांधी होने का मतलब 1920 में लौटना नहीं, 2027 की चुनौतियों का सामना नैतिक साहस से करना है
गांधी जयंती पर जानिए आज के समय में गांधीवादी होने का असली मतलब क्या है? डिजिटल युग में सत्याग्रह, अहिंसा, स्वदेशी और स्वराज की नई परिभाषा क्या है और कैसे छोटे फैसलों से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है?
गांधी का ‘ग्राम स्वराज’ और आज का संविधान: क्या हमने सच में गुरु को भुला दिया?
Fundamental Duties: भारतीय संविधान निर्माताओं ने अधिकारों को प्राथमिकता दी, जबकि महात्मा गांधी का मानना था कि अधिकार केवल कर्तव्यों के सच्चे पालन से उत्पन्न होते हैं. जानिए संविधान निर्माण और गांधीवादी विचारों के बीच के संतुलन व संघर्ष की पूरी कहानी.
नेता नहीं, मसीहा थे गांधी! जानिए 100 साल पहले पूर्वी यूपी के किसानों ने गांधी को कैसे गढ़ा था?
1920 के दशक में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महात्मा गांधी की छवि सिर्फ एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं थी. गोरखपुर के किसानों के बीच वे ‘महात्मा’ के रूप में लोकप्रिय हो चुके थे, जिनसे जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं, अफवाहें और चमत्कारों की कहानियां प्रचलित थीं.
‘बिहार के लिए महात्मा गांधी हैं नीतीश कुमार…’ जोश-जोश में ये क्या बोल गए मंत्री शैलेश कुमार?
Shailesh Kumar On Nitish Kumar: बिहार सरकार के मंत्री शैलेश कुमार ने नीतीश कुमार को बिहार का गांधी करार दिया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार तो ऑलरेडी बिहार में जितना काम किया है, अगर आप देखेंगे कि आजादी के बाद कोई एक महात्मा गांधी यहां पर पैदा लिया. तो दूसरा महात्मा गांधी बिहार के लिए नीतीश कुमार जी हैं.
आजादी की कहानी, दो मुल्कों की जुबानी: गांधी Vs जिन्ना, जानिए सीमा पार की पुस्तकों में विद्यार्थियों को इतिहास की कौन-सी कहानी पढ़ाई जाती है
PAKISTAN TEXTBOOK HISTORY 1947: 14 और 15 अगस्त की तारीखें भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में सबसे अहम हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीमा पार पाकिस्तान के स्कूलों में 1947 की आजादी, महात्मा गांधी, भगत सिंह और विभाजन के इतिहास को किस नजरिए से पढ़ाया जाता है?
Quit India Movement: पीएम मोदी ने भारत छोड़ो आंदोलन के सेनानियों को किया नमन, बोले- उनका साहस हर भारतीय के लिए प्रेरणा
PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल स्वतंत्रता सेनानियों और देशवासियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और बलिदान को याद किया. उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व और 'भारत छोड़ो' के आह्वान को स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा देने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव बताया.
घर लौटने से पहले राजघाट पहुंचे सोनम वांगचुक, बोले- ‘शांतिपूर्ण आंदोलन से मिली जीत, बापू का रास्ता आज भी सबसे असरदार’
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पेपर लीक के खिलाफ 26 दिनों तक अनशन करने वाले पर्यावरणविद और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.







