देश

ऐतिहासिक-पौराणिक धरोहरों को समेटे है पलामू: यहां 5 हजार साल से मौजूद ‘भीमचूल्हा’ देखने आते हैं हजारों लोग, दिलचस्‍प है कहानी

Bhim Chulha Jharkhand: झारखंड का पलामू क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ कई ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहरों को समेटे हुए है. इसी पावन भूमि पर मोहम्मदगंज पंचायत के दक्षिणवर्ती सीमा पर स्थित है ‘भीमचूल्हा’. लगभग 5000 साल पुराना यह स्थल सनातन संस्कृति और महाभारत काल के जीवंत साक्ष्यों में से एक माना जाता है. कोयल नदी के खूबसूरत तट पर स्थित शिलाखंडों (विशाल पत्थरों) से बना यह प्राचीन चूल्हा इस बात का गवाह है कि कभी पांडवों ने अपने अज्ञातवास और वनवास का कुछ समय इस शांत इलाके में बिताया था. वर्तमान में यह अद्भुत स्थल मोहम्मदगंज बैराज के पास स्थित है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं.

टूरिज्म साइट के रूप में विकसित हो रहा ‘भीमचूल्हा’

झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, इस ऐतिहासिक धरोहर की महत्ता को देखते हुए इसे अब एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. कोयल नदी के किनारे स्थित इस जगह पर अब ‘भीमचूल्हा पार्क’ का निर्माण कराया जा चुका है, जिससे मानसून और अन्य मौसमों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. पत्थरों से बने इस विशाल चूल्हे के पास ही पहाड़ी पर एक प्राकृतिक पत्थर है, जिसकी आकृति हुबहू हाथी जैसी दिखाई देती है. स्थानीय निवासी और यहां आने वाले श्रद्धालु इस हाथी रूपी पत्थर की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करते हैं.

10 हजार हाथियों जितने बलशाली भीमसेन की रसोई

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पांच भाइयों में सबसे शक्तिशाली कुंती पुत्र भीमसेन में 10 हजार हाथियों का शारीरिक बल था. महाभारत ग्रंथ के अनुसार, जब दुर्योधन ने छल से भीम को विष देकर गंगा नदी में बहा दिया था, तब वे बहते हुए नागलोक पहुंच गए थे. वहां नागराज वासुकि ने भीम की शक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें आठ कुंडों का वह दिव्य रस पिलाया था, जिससे उनके भीतर दस हजार हाथियों का अपार बल आ गया था. भीम के शरीर की त्वचा इतनी वज्र के समान कठोर थी कि उन पर किसी भी घातक हथियार या विषैले सांपों के डंक का कोई असर नहीं होता था. वनवास के कठिन दिनों में पांचों भाइयों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी अक्सर महाबली भीम ही संभालते थे और इसी कोयल नदी के तट पर उन्होंने पत्थरों को जोड़कर यह विशाल चूल्हा बनाया था.

यह भी पढ़ें: ईद से पहले युवकों ने बचाई बकरे की जान, हवा में झूलते बकरे का LIVE रेस्क्यू; देखें वीडियो

महाभारत के महाबली भीम का जन्म कैसे हुआ था?

सनातन ग्रंथों के अनुसार, पांडवों के पिता राजा पांडु को एक ऋषि का श्राप था कि वे चाहकर भी संतानोत्पत्ति नहीं कर सकते. ऐसे में माता कुंती ने दुर्वासा ऋषि द्वारा दिए गए दिव्य मंत्र का उपयोग किया, जिससे वे किसी भी देवता का आह्वान कर संतान प्राप्त कर सकती थीं. माता कुंती ने तब पवन देव (वायु देवता) का स्मरण किया. पवन देव के आशीर्वाद और अंश से ही महाबली भीमसेन का जन्म हुआ था. वायुपुत्र होने के कारण ही भीम को भगवान हनुमान जी का भाई भी माना जाता है. महाभारत के युद्ध में भीम ने ही धृतराष्ट्र के सभी सौ पुत्रों (कौरवों) का वध कर अपने संकल्प को पूरा किया था.

झारखंड में भीमचूल्हा देखने के लिए आप कैसे पहुंचें?

इस रमणीय स्थल तक पहुंचना आसान है. बरवाडीह से डेहरी जाने वाली भारतीय रेलवे की मुख्य लाइन इस भीमचूल्हा स्थल के ठीक नीचे से होकर गुजरती है. सैलानी यहां आने के लिए सड़क मार्ग या रेल मार्ग से डाल्टनगंज पहुंच सकते हैं. यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन मोहम्मदगंज है. यदि आप हवाई मार्ग से आना चाहते हैं, तो सबसे पास झारखंड की राजधानी रांची का एयरपोर्ट है, जहां से भीमचूल्हा की दूरी सड़क मार्ग द्वारा लगभग 258 किलोमीटर है. पर्यटन विभाग द्वारा सुविधाएं बढ़ाए जाने के बाद से यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.

  • भारत एक्सप्रेस
Swati Pandey

Recent Posts

वृंदावन से लेकर डेरा सच्चा सौदा तक! वो आश्रम जिनमें बहे खून, उठे सवाल और हिल गया था भरोसा

Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ी घटनाओं ने एक…

19 minutes ago

यूपी में कितनी सीटों पर कांग्रेस-सपा में फंसा पेच? अखिलेश यादव ने निकाली बड़ी काट

UP Election 2027: सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान के बीच अखिलेश यादव…

1 hour ago

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बड़ी कामयाबी: ‘संतुलित कैंटिलीवर मेथड’ से साबरमती नदी पर बना बेहद अहम ब्रिज

Bullet Train India: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के तहत साबरमती नदी पर 12 मंजिल ऊंचा…

1 hour ago

‘नमाज के बहाने उठा, फिर…’ कैप्टन स्मित की जुबानी कॉकपिट अटैक की पूरी कहानी, जानिए क्या-क्या हुआ?

Captain Smit Machchhar: कैप्टन स्मित मछार ने नेतन्याहू से बातचीत मेंफ्लाईदुबई FZ1073 के कॉकपिट हमले…

2 hours ago

‘मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित था जीवन…’: श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर पीएम मोदी ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती…

2 hours ago