भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (फोटो-@BJP4India)
JP Nadda On Congress: कांग्रेस पार्टी के खातों पर लगाई गई रोक को लेकर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे मोदी सरकार पर हमला बोला था. जिसके बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पलटवार किया है. जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस को जनता पूरी तरह से नकार चुकी है, इसलिए उन्हें ऐतिहासिक हार का डर सता रहा है. जिसको लेकर अब कांग्रेस के नेता भारतीय लोकतंत्र और संस्थानों के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं.
जेपी नड्डा ने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस का दिवालियापन आर्थिक नहीं है, बल्कि, कांग्रेस पार्टी नैतिक और बौद्धिक रूप से दिवालिया हो गई है. बीजेपी अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर की है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि “कांग्रेस को जनता पूरी तरह से खारिज कर देगी और ऐतिहासिक हार के डर से उनके शीर्ष नेतृत्व ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर भारतीय लोकतंत्र और संस्थानों के खिलाफ बयानबाजी की है. वे आसानी से अपनी अप्रासंगिकता का दोष ‘वित्तीय परेशानियों’ पर मढ़ रहे हैं.”
इसके साथ ही जेपी नड्डा ने आगे लिखा है कि “दरअसल, उनका दिवालियापन आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक और बौद्धिक है. अपनी गलतियों को सुधारने की बजाय, कांग्रेस अपनी परेशानियों के लिए संस्थाओं को दोषी ठहरा रही है. चाहे आईटीएटी हो या दिल्ली हाईकोर्ट, उन्होंने कांग्रेस से नियमों का पालन करने, बकाया करों का भुगतान करने के लिए कहा है, लेकिन पार्टी ये सब करने के बजाय दूसरों पर आरोप लगाने में व्यस्त है.”
वहीं इस दौरान जेपी नड्डा ने भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस पर करारा प्रहार किया. उन्होंने एक्स पर लिखा है कि “जिस पार्टी ने हर क्षेत्र, हर राज्य और इतिहास के हर पल में लूट की हो, उसके लिए वित्तीय लाचारी की बात करना हास्यास्पद है. जीप से लेकर हेलिकॉप्टर घोटाले और बोफोर्स तक सभी घोटालों से जमा हुए पैसे का इस्तेमाल कांग्रेस अपने चुनाव प्रचार में कर सकती है.”
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बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने ये भी लिखा है कि “कांग्रेस के पार्ट टाइम नेता कहते हैं कि भारत का लोकतंत्र झूठ है, क्या मैं उन्हें विनम्रतापूर्वक याद दिला सकता हूं कि 1975 और 1977 के बीच केवल कुछ महीनों के लिए भारत एक लोकतंत्र नहीं था और उस समय भारत की प्रधानमंत्री कोई और नहीं बल्कि इंदिरा गांधी थीं.”
-भारत एक्सप्रेस
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